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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 12:14 PM IST
स्रोत - IANS Hindi
डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है और जब तक आप मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं रहेंगे, शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जरनल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अवसाद से ग्रसित व्यक्ति में दिल की बीमारी होने का खतरा अधिक होता है।
इस अध्ययन में कहा गया कि हृदय रोगी का और अन्य स्थितियों में अवसाद से ग्रसित होना घातक परिणाम दे सकता है। अध्ययन में आगे बताया गया कि अस्पताल में भर्ती वह 20 प्रतिशत मरीज, जिन्हें दिल का दौरा पड़ा हो, उनमें अवसाद के लक्षण दिखाई देते हैं और हृदय रोगियों में सामान्य आबादी के मुकाबले अवसाद से ग्रस्ति होने का खतरा तीन गुना अधिक होता है।
अमेरिका की एमोरी यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने दिल की बीमारियों और अवसाद के लक्षणों के बीच संबंध के बारे में अधिक अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने कुल 965 लोगों पर अध्ययन किया जो दिल की मरीज नहीं थे और जिन्हें किसी भी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
एमोरी क्लीनिकल कार्डियोवास्कुलर रिसर्च इंस्टीट्यूट के सह-निदेशक और प्रबंधन निदेशक अरशद कुयामी ने कहा, ‘हमारे अध्ययन के परिणामों से बिगड़ती अवसाद और हृदय जोखिम के बीच की कड़ी को उजागर किया है। इस शोध से यह भी पता चला है कि व्यायाम से दिल के मरीजों में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।‘
कुयामी ने कहा, ‘ऐसे कई हृदय रोगी हैं, जो अवसाद से भी ग्रस्त हैं और हमें इस अध्ययन की जरूरत इसलिए भी थी, ताकि हम इन मरीजों को व्यायाम करने के प्रति जागरूक कर सकें।’
चित्र स्रोत - Shutterstock