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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST
जितनी जाँच हो रही है उन सब नमूनों में मैगी को कसूरवार पाया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कहा कि मैगी नूडल्स के नमूनों की जांच में पाया गया है कि उसमें लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक है और इसीलिए इसका सेवन खतरनाक है। सरकार ने कहा कि वह अब मैगी की स्वामित्व कंपनी नेस्ले के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने एक बयान में कहा, 'पिछले सप्ताह मैगी में लेड की मात्रा की जांच के लिए कुल 13 नमूने इकट्ठे किए गए थे, जिसमें पता चला है कि मैगी के 10 मसालों में निर्धारित मात्रा से अधिक लेड है। लेड की निर्धारित सीमा 2.4 पीपीएम है।' पढ़े- क्यों मैगी को बाजार से हटाने का आदेश दिया जा रहा है?
सरकार ने कहा, 'मसालों के पांच नमूनों में मोनोसोडियम ग्लूमेट मिला है, जिसकी उचित लेबल के साथ जानकारी भी नहीं दी गई थी। यह गलत तरीके से प्रचार की श्रेणी के अंतर्गत आता है।' पढ़े- बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को मैगी का प्रचार करने पर नोटिस भेजने की बात
इससे पहले मंगलवार को एक बयान में नेस्ले ने कहा कि कंपनी लेड के लिए नियमित रूप से अपने कच्चे माल की जांच करती रहती है। इनका मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण भी होता है, जो कि निर्धारित सीमा के भीतर मिलाया जाता है और उसकी जानकारी मैगी के पैकेट पर भी दी जाती है। पढ़े-
सरकार ने बयान में जानकारी देते हुए कहा, 'सरकार ने कंपनी के खिलाफ असुरक्षित उत्पादों को बेचने और उत्पाद का गलत तरीके से प्रचार करने के मामलों में मामला दर्ज कराने का फैसला लिया है।'पढ़े- मैगी नहीं तो दो मिनट स्नैक क्या होगा?
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि मैगी के 13 नमूनों में से 10 नमूनों में लेड निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में मिला है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
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