बुजुर्गों के याददाश्त को दुरूस्त रखने का निराला तरीका!

क्या आप अपने माता-पिता को कंप्यूटर चलाना सिखाकर उनके याददाश्त को बेहतर बना सकते हैं?

WrittenBy

Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:33 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

उम्र के बढ़ते ही भूलने की बीमारी आम होती है। इसके लिए तरह-तरह के योग के अभ्यास करने से परिस्थिति में सुधार आता है लेकिन हाल के एक रिसर्च से इस बात का पता चला है कि कंप्यूटर, किताबों और विभिन्न मानसिक गतिविधियों से याददाश्त को दुरूस्त रखा जा सकता है।

जो वृद्ध समाजिक और मानसिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं, उन्हें उम्र बढ़ने के बावजूद याददाश्तसंबंधी परेशानियों का कम सामना करना पड़ता है। एक नए शोध में पता चला है कि सप्ताह में एक या उससे अधिक बार कंप्यूटर, किताबों और विभिन्न मानसिक गतिविधियों में शामिल होने वाले बुजुर्गो में अन्य बुजुर्गो की तुलना में स्मृति क्षय का खतरा 42 प्रतिशत कम होता है।

कंप्यूटर, किताबें, वीडियो गेम्स, बागवानी और शिल्पकारी जैसे कार्य मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। अमेरिका की अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी से इस अध्ययन की लेखक जैनिना क्रेल-रोश ने बताया, 'यह निष्कर्ष बताते हैं कि उम्र के अनुसार मस्तिष्क को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है।'

इस शोध में 70 और उससे अधिक आयु के एक हजार 929 लोगों पर हुए अध्ययन का आकलन किया गया था। यह लोग 'मायो क्लीनिक स्टडी ऑफ एजिंग' नामक अध्ययन के प्रतिभागी रहे थे। शोधार्थियों ने बताया, जो लोग मानसिक गतिविधियों में शामिल नहीं रहते थे, उनकी तुलना में सप्ताह में एक बार मानसिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले व्यक्तियों में मानसिक विकारों के विकसित होने का बहुत कम खतरा पाया गया।

यह शोध कनाडा के वंकूवर में अप्रैल माह में आयोजित होने वाली अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की 68वीं वार्षिक बैठक में पेश किया जाएगा।

चित्र स्रोत: Shutterstock 


Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source