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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST
मूल स्रोत- IANS Hindi
अक्सर लोग छोटे-मोटे चोटों को नज़रअंदाज कर देते हैं लेकिन सच तो ये है कि चोट का सही तरह से तुरन्त इलाज करवाना चाहिए। अगर आप अस्थि-मज्जा में चोट आने या उसमें घाव हो जाने से परेशान हैं, तो इसका फौरन इलाज करवाएं, क्योंकि यह आपको जोड़ों के दर्द (ज्वाइंट पेन) का मरीज बना सकता है। शोधार्थियों ने ऐसे जख्मों की एमआरआई स्कैन प्रणाली से जांच की और पाया कि ये जख्म तेजी से बढ़कर ऑस्टियोआर्थराइटिस की वजह बन सकते हैं।
ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या अमेरिका में आम है। इस तरह की आर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द होता है और मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। अस्थि-मज्जा हड्डियों के अंदर का एक मुलायम हिस्सा होता है, जहां रक्त बनता है। मज्जा रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने वाली स्टेम कोशिकाओं से भरी होती है।
बिट्रेन की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथकैंप्टन के प्रवक्ता मार्क एडवर्ड्स के अनुसार, 'ऑस्टियोआर्थराइटिस संपूर्ण रूप से किसी भी व्यक्ति और उपचार पद्धति के लिए एक बड़ी समस्या है।' वैसे तो यह समस्या प्रत्येक जोड़ में हो सकती है ,लेकिन खासकर घुटने, कूल्हे और हाथों के छोटे-छोटे जोड़ इस रोग से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
इस शोध में 50 वर्ष की आयु के 176 पुरुष और महिलाओं के घुटनों का एमआरआई स्कैन कराया गया और लगातार तीन साल तक इनके घुटनों का परीक्षण किया गया। निष्कर्षो से सामने आया कि इन प्रतिभागियों में जो लोग अस्थि-मज्जा घाव ( बीएमएल) से पीड़ित थे, उनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या तेजी से बढ़ रही थी। इसलिए इस बारे में कभी भी किसी भी चोट या घाव को यूं ही ठीक होने के लिए न छोड़े।
यह शोध 'र्युमैटोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
चित्र स्रोत- Shutterstock