अस्थमा के कारण बच्चों में बढ़ सकता है मोटापे का खतरा

इस कारण भी बच्चों में बढ़ता है वज़न!

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Written By: Agencies | Published : January 23, 2017 12:14 PM IST

आजकल दमा कहे या अस्थमा होने के लिए उम्र की कोई बंदिश नहीं रह गई है, किसी भी उम्र में ये आपको दस्तक दे सकता है। बड़े तो बड़े बच्चे भी इसका शिकार होने लगे हैं। साथ ही मुश्किल की बात ये है कि अस्थमा के कारण बच्चों का बाद में वज़न भी बढ़ने लगता है जो और भी मुसीबत का सबब बन जाता है। जानें  Asthma के मरीज़ कैसे चुनें अपने लिए सही इंहेलर

यदि आपका बच्चा दमा से पीड़ित है, तो उसके बचपन या किशोरावस्था के बाद मोटापे के शिकार होने की संभावना ज्यादा है। शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि सामान्य बच्चे की तुलना में दमा से पीड़ित छोटे बच्चों में अगले एक दशक में मोटापे के शिकार होने की संभावना 51 फीसद ज्यादा है।

अमेरिका के दक्षिणी कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर फैंक डी गिलीलैंड ने कहा, 'जल्दी रोग की पहचान और इलाज से बचपन की मोटापे की महामारी को रोका जा सकता है।' यद्यपि शोधकर्ता साफ नहीं कर सके कि दमा पीड़ित बच्चों में ज्यादा मोटापे का खतरा रहता है या मोटापे के शिकार बच्चों में दमा के विकास का खतरा रहता है या दोनों बातें हैं।

दमा पीड़ित बच्चों में मोटापे के शिकार होने की प्रबल संभावना के एक कारण में श्वास संबंधी दिक्कतों की वजह से ऐसे लोगों के खेल और व्यायाम में कमी होना है। गिलीलैंड ने कहा कि इसके अलावा अस्थमा के दवाओं का प्रभाव भी वजन के रूप में पड़ता है। अस्थमा और मोटापे से दूसरी उपापचयी बीमारियां भी पैदा होती हैं। इसमें पूर्व-मधुमेह और बाद में टाइप-2 डायबिटीज की बीमारियां हैं। गिलीलैंड ने कहा कि शोध में यह भी सुझाव दिया गया है कि दमा इनहेलर से मोटापे को रोकने में मदद मिलती है।

शोध के लिए दल ने 2171 किंडरगार्टेनर और पहली कक्षा के छात्रों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया। इसमें 13.5 फीसदी बच्चों को दमा था। लेकिन यह मोटापे के शिकार नहीं थे। इस शोध का प्रकाशन 'अमेरिकन जर्नल ऑफ रिस्पाइरेटी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसीन' में प्रकाशित हुआ है।

मूल स्रोत: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Shutterstock

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