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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
Quick relief drugs are used during asthma attacks for quick relief of symptoms. Long acting or control drugs are prescribed to prevent asthma attacks. Do talk to the doctor to understand the difference between the two along with the dosages.
मूल स्रोत: IANS Hindi
आजकल के अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण पेट में पथरी यानि गॉलस्टोन का प्रॉबल्म आम हो गया है। इस बीमारी को आम तौर पर लोग पहले तो नजरअंदाज करते हैं उसके बाद परिस्थति के बिगड़ने के बाद डॉक्टर के पास जाते हैं। हाल ही के रिसर्च से ये पता चला है कि पथरी होने के प्रथम अवस्था में एंटीबायोटिक दवाएं असरदार रूप से काम करती है।
पथरी के रोग की प्रारंभिक चिकित्सा में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग कम से कम पहले वर्ष में जोखिम नहीं बढ़ाता है, साथ ही रोग के निदान के प्रथम माह में 92 प्रतिशत तक ऑपरेशन की संभावनाओं को कम कर सकता है। इस उपचार के द्वारा हालांकि 100 में से 23 रोगियों में एक वर्ष के भीतर ही इस रोग की पुनरावृत्ति भी हो सकती है।
फिनलैंड की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन विले सैलिनेन कहते हैं, 'इस अध्ययन ने जटिलताओं के मामले में बेहतर परिणाम का सबूत नहीं दिया है, लेकिन निष्कर्षो के अनुसार एंटीबायोटिक दवाएं पथरी रोग की प्रारंभिक चिकित्सा के लिए बेहतर साबित हो सकती हैं, क्योंकि यह एक साल के भीतर जोखिम नहीं बढ़ाती है।'
इस शोध के लिए शोधार्थियों के दल ने लगातार पांच नियंत्रित परीक्षण किए, जिसमें उन्होंने पथरी की चिकित्सा के लिए एंटीबायोटिक्स के उपयोग और एपेंडेक्टोमी (एपेंडिक्स का ऑपरेशन) के बीच का तुलनात्मक अध्ययन किया था। शोधार्थियों ने बताया, सामान्य पथरी के इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं और ऑपरेशन के बीच का चुनाव एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला है।
यह शोध 'ब्रिटिश जर्नल ऑफ सर्जरी' में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock