Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
वैसे तो मेनोपॉज के बाद महिलाओं के हार्मोन में बहुत तरह के बदलाव होते हैं लेकिन इसका असर अगर दांत और मसूडों पर ज्यादा पड़ा है तो आपको खुद को लेकर सचेत होने की ज़रूरत है। क्योंकि एडेंटुलिज़्म के कारण महिलाओं में मौत का खतरा ज्यादा हो जाता है।
रजोनिवृत्ति के बाद मसूढ़ों और दांतों की बीमारियोंका सामना करने वाली महिलाओं में मौत का जोखिम बढ़ जाता है। एक शोध के अनुसार, पेरियोडोंटल बीमारी (दांत के आस-पास के संयोजी उतक और मसूड़ो में सूजन) से दांतों को नुकसान पहुंच सकता है, इसे एडेंटुलिज्म कहते हैं। क्या आपको पता है कि मसूड़ों में दर्दया सूजन होने पर नमक और तेल की मालिश से राहत मिल सकती है।
निष्कर्षो से पता चलता है कि पेरियोडोंटल से ग्रस्त महिलाओं में अन्य महिलाओं की अपेक्षा मौत का खतरा 12 फीसदी अधिक रहता है। रजोनिवृत्ति के बाद यदि किसी महिला के सारे दांत टूट जाते हैं तो उसकी मौत का खतरा 17 फीसदी तक बढ़ जाता है।
अमेरिका के बफेलो विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर माइकल जे. लामोंटे ने कहा, "हमारे निष्कर्षो से पता चलता है कि बुजुर्ग महिलाओं में पेरियोडोंटल से मृत्यु का जोखिम ज्यादा होता है और मुख संबंधी जांच से इन्हें फायदा पहुंच सकता है।"
लामोंटे ने कहा, "इससे मौखिक कार्यो और आहार पर नकारात्मक प्रभाव के अलावा इस स्थिति को बुढ़ापे व पुरानी बीमारियों से जुड़ा माना जाता है।" इस शोध का प्रकाशन 'जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' में किया गया है। इस शोध के लिए दल ने 55 साल और इससे ज्यादा उम्र कि 57,001 महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया है।
मूल स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutterstock