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प्रकाश प्रेरित नैनोथेरेपी से एंटी बायोटिक रसिस्टेंट को सुधारा जा सकता है!

विज्ञान के क्षेत्र में एक नया अनुसंधान!

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

आजकल अनुसंधान के क्षेत्र में तरह-तरह के आविष्कार हो रहे हैं। ये आविष्कार मनुष्य को स्वस्थ और निरोग रखने के लिए बनते हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि मनुष्य हेल्दी रहने के तरफ अपना कदम बढ़ायें और बिना सही जानकारी के  खुद पर कोई एक्सपेरिमेंट न करें। हाल के एक अनुसंधान में दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने के लिए नैनोथेरेपी का आविष्कार हुआ है जो एंटी बायोटिक रसिस्टेंट के काम को विफल किया जा सके।दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने के लिए प्रकाश-प्रेरित नैनोथेरेपी का निर्माण किया गया है, जो कि सुपरबग्स जैसे एंटी बायोटिक रसिस्टेंट को विफल करने में मदद करेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस विधि में प्रयोग होने वाले प्रकाश-प्रेरित चिकित्सीय नैनोपार्टिकल्स को क्वांटम डॉट्स भी कहा जाता है। यह डॉट्स मानवों के बालों से 20 हजार गुना छोटे हैं। यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले छोटे अर्धचालकों के समान लगते हैं। प्रयोगशाला के वातावरण में यह 92 प्रतिशत दवा प्रतिरोधी जीवाणु कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम हैं।

अमेरिका की कोलोरैडो बाउल्डर यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखक भारतीय मूल के प्रशांत नागपाल ने बताया, 'इन अर्धचालकों के नैनोस्केल के सिकुड़ने से कोशिकाओं में एक विशिष्ट प्रतिक्रिया उत्पन्न की जा सकती है। जो केवल संक्रमित स्थानों को ही लक्षित करेगी।' हल्की सक्रियता के गुणों की वजह से यह क्वांटम डॉट्स विशिष्ट संक्रमणों की चिकित्सा में प्रयोग किए जा सकते हैं। ये डॉट्स अंधकार में इनएक्टिव हो जाते हैं और प्रकाश में चालित हो जाते हैं। यह शोध पत्रिका 'नेचर मटीरियल्स' में प्रकाशित हुआ है।

चित्र स्रोत- Shutterstock