MoHFW ने जारी की एडवाइजरी, एम्प्लाइज और वर्कर के लिए बताए हीटवेव से बचने के तरीके
Heatwave Se Kaise Bacha Ja Sakta Hai: हेल्थ मिनिस्ट्री ने हीटवेव के निपटने के लिए एडवाइजरी जारी की, जिसमें उन्होंने सभी लोगों को हीटवेव से बचने के तरीके बताए हैं। आइए आपको भी बताते हैं एडवाइजरी में क्या लिखा गया है।
Employees And Workers Heatwave Se Kaise Bache: दिन ब दिन गर्मी इतनी बढ़ती जा रही है कि जहां दिल्ली और नोएडा का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अभी तो मई चल रहा है, ऐसे में यह सोचना भी दर्द दे रहा है कि आखिर जून में ये तापमान कितना ऊपर तक जाएगा। इस गर्मी में हम वो हर संभव प्रयास करने की कोशिश करते हैं जिससे शरीर में थोड़ी सी भी ठंड महसूस हो पाए। घर पर रहने वालों के लिए एक बार को फिर भी अपनी सेहत का ख्याल रखना आसान हो सकता है।
लेकिन वह लोग जो बाहर नौकरी करते हैं या रोजाना का काम ढूंडते हैं। उन लोगों का क्या? वह रोजाना घर से तेज तपती धूप में बाहर जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ, फैमिली और वेलनेस ने एक हीटवेव से जुड़ी एडवाइजरी 2026 जारी की। इसमें सभी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है जैसे कि गर्मी में अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखना चाहिए और लोगों को हीटवेव के प्रति कैसे जागरुक करें। लेकिन हमने एम्प्लाइज और वर्कर्स पर फोकस किया है। आइए जानते हैं वह लोग अपनी सेहत का ख्याल कैसे रख सकते हैं।
मजदूरों को डी डायरेक्ट धूप से बचने की हिदायत
एडवाइजरी में कहा गया है कि मजदूरों को स्किन पर पड़ने वाली डायरेक्ट धूप से बचना चाहिए। साथ ही उन्हें काम की जगह पर ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए और वह हर 20 मिनट या उससे ज्यादा बार एक कप पानी पीएं, ताकि वे हाइड्रेटेड रहें। साथ ही ठेकेदार या कॉन्ट्रेक्टर को मजदूरों के लिए छायादार काम की जगह उपलब्ध करानी चाहइए। काम की जगह पर अस्थायी शेल्टर बनाया जा सकता है।
कब करें बाहर के काम?
ज्यादा मेहनत वाले और बाहर के कामों को दिन के ठंडे समय, यानी कि सुबह और शाम के घंटों में करने का शेड्यूल बनाएं। बाहर की एक्टिविटी के लिए ब्रेक की फ्रीक्वेंसी और अवधि बढ़ाएं- कम से कम हर 1 घंटे की मेहनत के काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक लें। साथ ही काम के साथ-साथ रोजाना मौसम की खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, अखबार पढ़ें और उसी के अनुसार काम करें। जैसे जिस दिन अधिक तापमान होने की खबर, उस दिन सुबह घर से जल्दी निकल जाएं और शाम को सूरज ढलने के बाद काम से निकलें।
सेहत के प्रति जागरुक करें
आप अपने ऑफिस के एम्प्लॉइज या मजदूरों को उन लक्षणो को पहनना सिखाएं जो गर्मी से जुड़ी बीमारी का संकेत देते हैं। उन्हें हीट स्ट्रेस के संकेतों और लक्षणों के बारे में बताएं। ऑफिर या कार्यालय में ट्रेंड फर्स्ट एड देने वाले लोग उपलब्ध होने चाहिए, और गर्मी से जुड़ी बीमारी होने की स्थिति में एक आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना तैयार होनी चाहिए।
महिला वर्कर और एम्प्लॉइज के लिए टिप्स
एडवाइजरी में महिला वर्कर और एम्प्लॉइज के लिए टिप्स दी हई हैं। गर्भवती मजदूरों, किसी मेडिकल समस्या से जूझ रहे मजदूरों या कुछ खास दवाएं ले रहे मजदूरों को गर्मी में काम करने के बारे में अपने डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए। अगर बाहर काम कर रहे हैं, तो हल्के रंग के कपड़े पहनें- बेहतर होगा कि लंबी आस्तीन वाली शर्ट और पैंट पहनें और सीधी धूप से बचने के लिए अपना सिर ढककर रखें। कर्मचारियों के लिए जागरूकता अभियान आयोजित करें।
इसी एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि ज्यादा गर्मी के दौरान हेल्थ पर पड़ने वाले प्रभावों और उच्च तापमान के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में जानकारी देने के लिए रिलेटिड पर्चे बांटें, और मालिकों व मजदूरों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करें। इससे सभी लोगों में जागरुकता फैलेगी।
डिस्क्लेमर- गर्मी से हर कोई परेशान है, फिर चाहे कोई घर पर हो या बाहर, आप अपनी सेहत का खास ख्याल रखें। अधिक पानी पिएं और अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो पानी की बोतल के साथ निकलें। घर से बाहर निकलने के समय पर ध्यान दें, दिन के समय घर से बाहर न निकलें।