
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 22, 2025 5:37 PM IST
Covid 19 infection risk in children: कोविड-19 महामारी के दौरान यह देखा गया है कि वयस्कों की तुलना में बच्चे आमतौर पर हल्के लक्षणों के साथ संक्रमित होते हैं। हालांकि, नए वेरिएंट्स JN.1 के उद्भव के साथ, विशेष रूप से छोटे बच्चों में संक्रमण के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत के कई राज्यों में यह वेरिएंट तेजी से फैला है। ऐसे में इसको लेकर जानकारी होना आवश्यक है। इस लेख में डॉक्टर सुमित कांत झा सीनियर जनरल फिजिशियन, छत्रपति शिवाजी सुभारती हॉस्पिटल, मेरठ ने बच्चों के छोटे बच्चों के लिए कोविड 19 के खतरे के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हर किसी को जानना चाहिए।
अधिकांश बच्चों में कोविड-19 के लक्षण हल्के होते हैं या वे बिना लक्षणों के ही संक्रमित हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, थकान, और कभी-कभी दस्त या उल्टी शामिल हैं। कुछ मामलों में, बच्चों को सूंघने या स्वाद महसूस करने की क्षमता में कमी भी हो सकती है। ऐसे में यदि आपके बच्चों में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बगैर देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हाल के महीनों में, JN.1 जैसे नए वेरिएंट्स सामने आए हैं, जो अधिक संक्रामक हैं। ये वेरिएंट्स बच्चों में भी तेजी से फैल सकते हैं, हालांकि अधिकांश मामलों में लक्षण हल्के ही रहते हैं। कुछ बच्चों में बुखार, आंखों में जलन या कंजंक्टिवाइटिस और पेट से संबंधित समस्याएं देखी गई हैं।
हालांकि अधिकांश बच्चों में संक्रमण हल्का होता है, कुछ मामलों में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम इन चिल्ड्रन (MIS-C) जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन हो जाती है। इसके लक्षणों में लगातार बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते और थकान शामिल हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
कुछ बच्चों में संक्रमण के बाद लंबे समय तक लक्षण बने रह सकते हैं, जिसे "लॉन्ग कोविड" कहा जाता है। इसके तहत थकान, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, सिरदर्द, और मूड में बदलाव जैसे लक्षण देखे गए हैं। इसलिए बच्चों में सावधानी बार अपना बहुत ही जरूरी है क्योंकि मानसिक तनाव भी होता है और बच्चों में बहुत जल्द ही डर पैदा होती है जैसे कॉविड होने पर वह समस्या के साथ अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सावधानियाँ अपनाना बेहद ज़रूरी है। सबसे पहले, उन्हें हाथ धोने, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसी अच्छी आदतें सिखाएं ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। योग्य आयु वर्ग के बच्चों का समय पर टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों और संक्रमणों से बचाया जा सके। इसके अलावा, बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनी रहे इसके लिए उन्हें संतुलित आहार देना, पर्याप्त नींद सुनिश्चित करना और रोज़ाना थोड़ा बहुत व्यायाम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। यह न केवल उन्हें तंदुरुस्त रखेगा, बल्कि मानसिक रूप से भी सक्रिय बनाए रखेगा। यदि बच्चे में बुखार, थकान, खांसी या किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न करें, तुरंत योग्य चिकित्सा सलाह लें। इन आसान लेकिन ज़रूरी उपायों से हम अपने बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकते हैं।
हालांकि नए कोविड वेरिएंट्स बच्चों में तेजी से फैल सकते हैं, अधिकांश मामलों में लक्षण हल्के होते हैं। फिर भी, गंभीर जटिलताओं की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, सतर्कता, समय पर पहचान, और उचित देखभाल के माध्यम से हम बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जैसे ही बच्चों में इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखाई दें तो बगैर देखिए डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।