बीमार होने का न करें इंतजार! हर Gen-Z के लिए जरूरी हैं ये 5 Health Test

खासकर जैन- जी जनरेशन में बीमारियों का खतरा मिलेनियम और अन्य पुरानी जनरेशन से ज्यादा है। इसीलिए प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप या नियमित मेडिकल टेस्ट करवाना इस जेनरेशन के लिए बहुत जरूरी हो गया है।

बीमार होने का न करें इंतजार! हर Gen-Z के लिए जरूरी हैं ये 5 Health Test
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Written by Ashu Kumar Das |Published : January 10, 2026 7:51 AM IST

मेरी दादी कहा करती थी सावन के मौसम में बारिश और बीमारी कब, कहां से आ जाए... कहा नहीं जा सकता है। बारिश का तो मैं कुछ नहीं कह सकती हूं, लेकिन हां आज के जमाने में गलत खानपान, एयर पॉल्यूशन और गंदा पानी पीने की वजह से बीमारी कभी भी किसी को भी हो सकती है। खासकर जैन- जी जनरेशन में बीमारियों का खतरा मिलेनियम और अन्य पुरानी जनरेशन से ज्यादा है। इस पीढ़ी को होने वाली कई गंभीर बीमारियों के लक्षण शुरुआती अवस्था में नजर नहीं आते।

इसीलिए प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप या नियमित मेडिकल टेस्ट करवाना इस जेनरेशन के लिए बहुत जरूरी हो गया है। आइए डॉक्टर से जानते हैं जैन-जी जनरेशन के लिए कौन से मेडिकल टेस्ट जरूरी हैं और क्यों (Gen-Z Kaun Jarur Karna Chahiye yeah Medical Test)?

1. कोलेस्ट्रॉल

यूं तो कोलेस्ट्रॉल की समस्या 30 साल की उम्र के बाद देखी जाती है, लेकिन 1997 से लेकर 2012 के बीच पैदा होने वाले Gen-Z श्रेणी के लोग भी साल 2026 में 29 साल के हो जाएंगे, इसलिए उनके लिए भी कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। खराब खानपान, जीवनशैली के चलते कोलेस्ट्रॉल की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। इसलिए Gen-Z वालों को लिपिड प्रोफाइल का टेस्ट जल्द ही करवाना चाहिए। ये टेस्ट खून में मौजूद अच्छे (HDL) और खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल के साथ ट्राइग्लिसराइड्स की जांच करता है। टेस्ट में अगर खराब LDL ज्यादा आता है तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करके इलाज करवाएं।

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2. कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC)

यह सबसे बेसिक और महत्वपूर्ण ब्लड टेस्ट है। जो लोग स्मोकिंग और शराब का सेवन करते हैं, उनके लिए कम्प्लीट ब्लड काउंट टेस्ट और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ये टेस्ट खून में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC), सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC), हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स के लेवल की जांच का पता चलता है। CBC टेस्ट के जरिए आपको एनीमिया, इन्फेक्शन और ल्यूकेमिया है या नहीं, इसकी जानकारी मिलती है।

3. ब्लड शुगर टेस्ट (Fastening & HbA1c)

भारत में जिस तरह से डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं ब्लड शुगर टेस्ट हर उम्र के लोगों के लिए बहुत जरूरी है। HbA1c टेस्ट पिछले 3 महीनों का औसत शुगर लेवल बताता है। इससे डायबिटीज, प्रीडायबिटीज जैसी बीमारी का पता चलता है। डॉक्टर बताते हैं कि ब्लड शुगर टेस्ट के जरिए किडनी, हार्ट और आंखों से जुड़ी बीमारियों की जानकारी भी मिलती है।

4. थायराइड प्रोफाइल टेस्ट (T3, T4, TSH)

खानपान, लाइफस्टाइल के कारण भारतीय महिलाओं में थायराइड के केस बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि डॉक्टर जैन-जी वर्ग की महिलाओं को थायराइड प्रोफाइल टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। वजन का अचानक बढ़ना या घटना, थकान और हार्मोनल असंतुलन का कारण जानने के लिए यह टेस्ट जरूरी है। थायराइड जैसी लाइलाज बीमारी से बचने के लिए हर 3 महीने में थायराइड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाएं।

5. विटामिन डी और बी12 टेस्ट

आजकल की इनडोर लाइफस्टाइल, 12 से 14 घंटे ऑफिस में बिताने के कारण ज्यादातर भारतीयों में विटामिन डी और बी12 की कमी पाई जाती है। इसलिए जैन- जी वालों के लिए विटामिन डी और बी 12 टेस्ट और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। ये टेस्ट हड्डियों की मजबूती और दिमाग की सेहत के लिए जरूरी है।

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Highlights

  • बीमारी से बचाव के लिए मेडिकल टेस्ट जरूरी है।
  • Gen-Z वाले लोग थायराइड का टेस्ट जरूर करवाएं।
  • डायबिटीज के कारण ब्लड शुगर टेस्ट करवाना चाहिए।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।