hamburger icon
A
Read in English

हेड एंड नेक कैंसर के इन लक्षणों की न करें अनदेखी, बाद में पड़ सकता है भारी

हेड एंड नेक कैंसर के संकेतों की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए, अगर गले में सूजन या गांठ दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। गर्दन और सिर से जुड़े कैंसर होने पर कई अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

WrittenBy

Written By: Anju Rawat | Published : July 27, 2026 5:19 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Akshat Malik

हर साल 27 जुलाई को हेड एंड नेक कैंसर डे मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है- लोगों को सिर और गर्दन से जुड़े कैंसर के प्रति जागरूक करना, ताकि वे समय पर जांच और इलाज के महत्व को समझ सकें। अपोलो हॉस्पिटल्स, दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट-हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी डॉ. अक्षत मलिक बताते हैं कि भारत में हेड एंड नेक कैंसर सबसे आम कैंसरों में से एक है। इस कैंसर के ज्यादातर मरीज डॉक्टर के पास तब पहुंचते हैं, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। इसलिए इसके लक्षणों पर शुरुआत में ही गौर करना बहुत जरूरी है।

किन अंगों को प्रभावित करता है हेड एंड नेक कैंसर!

डॉ. अक्षत मलिक बताते हैं कि हेड एंड नेक कैंसर शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। जैसे-

  • मुंह
  • जीभ
  • मसूड़े
  • गाल के अंदरूनी हिस्से
  • होंठ
  • गला
  • नाक

हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण क्या हैं?

हेड एंड नेक कैंसर होने पर कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, जिनकी अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। अगर इन संकेतों की लंबे समय तक अनदेखी की जाए, तो इससे समस्या बढ़ सकती है और जानलेवा तक हो सकती है।

  • मुंह में लंबे समय तक घाव बने रहना
  • निगलने में दर्द या मुश्किल होना
  • गर्दन में गांठ और सूजन महसूस होना
  • मुंह खोलने में परेशान होना
  • आवाज का भारी होना
  • आवाज का बैठना
  • मुंह से बदबू आना
  • मुंह से खून आना
  • बिना कारण वजन कम होना
  • कान में दर्द होना

अगर आपको इनमें से कोई लक्षण 2 या 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक महसूस हो तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और जांच-इलाज शुरू करवाना चाहिए। वरना, यह खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, ये सिर्फ हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण नहीं होते हैं। कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी इस तरह के संकेत नजर आ सकते हैं।

हेड एंड नेक कैंसर के जोखिम कारक क्या हैं?

डॉ. अक्षत मलिक बताते हैं कि देश में हेड एंड नेक कैंसर होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। जैसे-

  • तंबाकू (सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी, पान मसाला आदि) का अधिक मात्रा में सेवन करना
  • ज्यादा मात्रा में शराब पीना। यानी जो लोग ज्यादा शराब पीते हैं, उनमें इस कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
  • तंबाकू और शराब का एक साथ सेवन करना। अगर आप तंबाकू और शराब, दोनों का सेवन करते हैं तो इससे हेड एंड नेक कैंसर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
  • ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण भी गले के कैंसर का कारण बन सकता है।

हेड एंड नेक कैंसर का इलाज क्या है?

डॉ. मलिक बताते हैं कि अगर इस कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इसे सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी आदि से ठीक किया जा सकता है। हालांकि, किस मरीज को कौन-सा इलाज देना है, यह कैंसर के चरण और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। कई लोग इलाज के बाद सामान्य जीवन जीने लगते हैं और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में वापस लौट जाते हैं।

इस कैंसर से बचाव के लिए क्या करें?

  • हेड एंड नेक कैंसर से बचने के लिए आपको तंबाकू का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • इस कैंसर से बचाव के लिए शराब का सेवन बंद करना बहुत जरूरी है।
  • मुंह और दांतों की नियमित रूप से सफाई रखें।
  • संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल हों।
  • मुंह या गले में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे तो खुद से कोई भी दवा न लें, तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • अगर परिवार में कैंसर का इतिहास है या आप लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, तो रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।

Disclaimer: हेड एंड नेक कैंसर के मामले उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलते हैं, जो तंबाकू और शराब का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं। ज्यादातर लोग इसके लक्षणों की अनदेखी कर देते हैं और इससे बीमारी गंभीर होती जाती है। इस बीमारी की समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है। इसलिए अगर आपको इस बीमारी का कोई भी लक्षण नजर आए, तो इसकी अनदेखी बिल्कुल न करें।