
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : April 20, 2026 9:50 AM IST
Medically Verified By: Dr. Vijaykumar C Bada
liver problems
लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होता है, जो शरीर में खून को साफ करने में काफी हद तक मददगार होत है। इसके साथ ही यह पाचन में मदद करने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने और शरीर में तरल और प्रोटीन का संतुलन बनाए रखने का काम करता है। लेकिन जब हमारा लिवर कमजोर हो जाए या किसी कारण से सही तरीके से काम न करे, तो इसका असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ने लगता है। लिवर कमजोर होने की स्थिति में कई तरह की गंभीर समस्याएं होने का खतरा रहता है। हैदराबाद में स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विजयकुमार सी. बाड़ा के अनुसार, कमजोर लिवर को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे कई जटिलताओं का कारण बनता है। इस लेख में हम लिवर कमजोर होने पर शरीर में कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं, इस बारे में विस्तार से जानेंगे। आइए जानते हैं-
कमजोर लिवर होने पर यह सही तरीके से प्रोटीन नहीं बना पाता है, जिससे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके कारण पैरों में सूजन और पेट में पानी भरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे संक्रमण का रूप धारण कर सकती हैं।
हमारा लिवर खून को जमाने वाले क्लॉटिंग फैक्टर बनाता है। ऐसे में जब लिवर कमजोर हो जाए, तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में हल्की चोट लगने पर भी ज्यादा खून बह सकता है या बिना किसी कारण शरीर पर नीले निशान दिखाई दे सकते हैं।
लिवर शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। ऐसे में जब हमरा लिवर सही ढंग से काम नहीं करता है, तो अमोनिया जैसे टॉक्सिन खून में जमा होने लगते हैं। इससे व्यक्ति को नींद आना, भ्रम, व्यवहार में बदलाव और गंभीर मामलों में कोमा तक हो सकता है। इसलिए अगर आपको लिवर से जु़ड़ी किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
लिवर में जब किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो खून का दबाव बढ़ने लगता है, जिसे पोर्टल हाइपरटेंशन कहते हैं। इसके कारण पेट और खाने की नली की नसें फूल जाती हैं, जो कभी भी फट सकती हैं और जानलेवा ब्लीडिंग का कारण बन सकती हैं।
एडवांस स्टेज में लिवर की बीमारी किडनी फेल होने और फेफड़ों में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। अगर आपको ऐसी परेशानी दिखे, तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर का कहना है कि अगर लिवर कमजोर हो जाए, तो इससे इम्यूनिटी प्रभावित होती है। इससे शरीर में शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक लिवर में स्कारिंग यानि सिरोसिस रहने पर लिवर कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का मानना है कि अगर शुरुआती दौर में ही लिवर की समस्या को पहचान लिया जाए और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ सही इलाज शुरू किया जाए, तो इन गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। ध्यान रखें कि लिवर की सेहत को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। अगर शरीर में सूजन, थकान, भूख में कमी या त्वचा-आंखों का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर उठाया गया कदम आपकी सेहत को बड़ी समस्या से बचा सकता है।
बैलेंस डाइट लें और एल्कोहल का सेवन करने से बचें। अपनी डाइट में फाइबर जरूर शामिल करें।
लिवर खराब होने पर आंखों और त्वचा पर पीलापन नजर आ सकता है। भूख और वजन कम हो सकता है।
हां, लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से लिवर पूरी तरह डैमेज हो सकता है।
लिवर खराब होने पर सबसे पहले भूख कम हो जाती है।
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