दिल्ली-मुंबई में बढ़े फ्लू के मामले,बदलते मौसम में इंफ्लूएंजा से अपनों को रखें सेफ, फॉलो करें ये टिप्स

ICMR की रिपोर्ट के अनुसार,इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सब-टाइप एच3एन2 (H3N2) पिछले दो-तीन महीनों से फैल रहा है और कई लोगों में इसी स्ट्रेन के लक्षण देखे गए हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 2, 2023 7:18 PM IST

H3N2 Influenza Virus: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से कई ऐसे रोगी अस्पताल पहुंचे हैं जिनमें तेज बुखार के साथ-साथ 10-12 दिनों तक लगातार खांस की शिकायत देखी गयी। बता दें कि, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के अनुसार, इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सब-टाइप एच3एन2 (H3N2) पिछले दो-तीन महीनों से फैल रहा है और कई लोगों में इसी स्ट्रेन के लक्षण (symptoms of H3N2) देखे गए हैं।

H3N2 वायरस में संक्रमण के लक्षण  (H3N2Infleuna Virus Symptoms In Hindi)

मेदांता हॉस्पिटल के आंतरिक चिकित्सा विभाग की वरिष्ठ निदेशक सुशीला कटारिया (Sushila Kataria, Senior Director of Internal Medicine at Medanta) के अनुसार, ये लक्षण फ्लू के हैं और अस्पताल में इन लक्षणों के साथ आनेवाले मरीज इन्फ्लुएंजा ए वायरस (Influenza A Virus) के एच3एन2 स्ट्रेन (H3N2 Influenza Virus) से संक्रमित हैं। डॉ. सुशीला कटारिया ने कहा, फ्लू के सामान्य लक्षणों में इस तरह की समस्याएं देखी जाती हैं-

  • तेज बुखार भी है जो 2-3 दिनों तक बना रहता है।
  • शरीर में दर्द(Body pain)
  • सिरदर्द (Headache)
  • गले में जलन
  • दो सप्ताह तक लगातार खांसी

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्राइमस स्लीप एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख एस.के. छाबड़ा (S.K. Chhabra, Head of Department - Pulmonary, Sleep and Critical Care Medicine at Primus) ने कहा कि अस्पताल में आ रहे मरीजों में वायरल फीवर के साथ, सर्दी, खांसी और ब्रोंकाइटिस जैसी फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, सीने में जकड़न और वायरल इंफेक्शन के मामले भी देखे जा रहे हैं।

किन लोगों को है फ्लू का खतरा अधिक (Who at higher risk of H3H2 influenza)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, फेफड़ों की एलर्जी की हिस्ट्री वाले लोगों, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को् फ्लू का खतरा अधिक है। वहीं, मौसम में हो रहे बदलावों के बीच वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इससे अस्थंमा के मरीजों या लंग्स इंफेक्शन के मरीजों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों में संक्रमण होने का रिस्क अधिक है। इसीलिए, इन लोगों को घर के बाहर निकलने या प्रदूषण वाली जगहों पर जाने ,से पहले खास सावधानी बरतनी चाहिए।

फैल रहा फ्लू बरतें ये सावधानियां (Tips for flu prevention)

एक्सपर्ट्स द्वारा सलाह दी जाती है कि, अस्थमा (Asthma) या अन्य क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को मौसम बदलने के साथ अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। ताकि, श्वसन मार्ग से जुड़ी गम्भीर समस्याओं से बचा जा सके। इसके साथ ही,

  • सांस से जुड़ी कोई समस्या होने पर डॉक्टर या पल्मोनोलॉजिस्ट को दिखाएं।
  • वायरस के खिलाफ सुरक्षा देने वाले फ्लू की वैक्सीन लगवाएं।
  • हाथों को बार-बार साबुन पानी से धोएं ( washing hands with soap and water) और मुंह-नाक को बार-बार छूने से बचें।
  • थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन (dehydration) ना होने दें।

फ्लू के लक्षणों से राहत के घरेलू उपाय (Home remedies for flu symptoms)

शहद

एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस (Lemon Juice) मिलाएं और इसमें आधा चम्मच शहद मिक्स करें। दिन में 2-3 बार इसका सेवन करने से राहत मिल सकती है।

हल्दी वाला दूध पीएं

गर्म या गुनगुने दूध में हल्दी पाउडर और गुड़ मिलाकर पीने से भी सर्दी-खांसी, नाक बहने और गले में दर्द जैसी शिकायतों से आराम मिलता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां और घरेलू नुस्खे सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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