
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 19, 2026 2:50 PM IST
Medically Verified By: Dr. Lipi Sharma
Breast Cancer ki Pehchan Kaise Kare: ऐसा नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं में ही होता है, यह पुरुषों में भी हो सकता है। हालांकि, महिला होना ब्रेस्ट कैंसर का एक बड़ा जोखिम कारक है और सबसे बड़ी बात यह है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ अनुवांशिक ही नहीं होता बल्कि खराब खानपान, खराब जीवनशैली, मोटापा और इसके अलावा भी कई जोखिम कारक हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। इसलिए हेल्थ एक्सर्ट्स समय-समय पर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच कराते रहने की सलाह देते रहते हैं। हालांकि, सिर्फ जांच ही नहीं बल्कि महिलाएं खुद भी कुछ जांच कर सकती हैं, जिनकी मदद से ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जा सकती है। ब्रेस्ट कैंसर के विकसित होने से पहले या फिर विकसित होने की शुरुआत में ही स्तनों में कुछ संकेत व बदलाव देखे जा सकते हैं, जिनकी जांच करके ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क का पता लगाया जा सकता है। इस लेख में हम ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में जानेंगे, जिनकी मदद से महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कर सकती हैं -
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर इसे शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज काफी हद तक सफल हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को समझें और समय-समय पर खुद जांच करें।
ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जाम एक आसान तरीका है, जिसे हर महिला घर पर कर सकती है। इससे किसी भी असामान्य बदलाव का पता जल्दी चल सकता है और समय रहते डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। यह स्थिति को गंभीर होने से बचाने में मदद करता है और ब्रेस्ट कैंसर व उसके ट्रीटमेंट से होने वाली जटिलाओं को भी काफी हद तक कम कर सकता है।
ब्रेस्ट की जांच महीने में एक बार जरूर करनी चाहिए, खासकर पीरियड खत्म होने के 5–7 दिन बाद, क्योंकि इस समय ब्रेस्ट सामान्य स्थिति में होते हैं। ब्रेस्ट सेल्फ एग्जाम यानी स्तनों की खुद जांच करने के लिए आपको निम्न तरीके अपनाने होंगे -
महिलाओं के लिए स्तनों से जुड़े कुछ ऐसे लक्षण होते हैं, जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए और वे लक्षण निम्न हो सकते है -
हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि ये सभी लक्षण कैंसर के ही होते हैं, लेकिन इन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए और अगर किसी महिला को इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होता है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करना चाहिए।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए जागरूक रहना सबसे जरूरी है, ताकि इसके खतरे को जितना हो सके कम किया जा सके और समय रहते लक्षणों की पहचान की जा सके। स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और वजन को नियंत्रित रखें। 40 साल के बाद महिलाओं को नियमित मैमोग्राफी करवानी चाहिए, और अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा हो तो और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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