महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर और एनीमिया का खतरा, गाइनेकोलॉजिस्ट ने किया सावधान
Breast Cancer And Anemia: महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है और शुरुआत में ऐसे लक्षणों को डॉक्टर इग्नोर कर रहे हैं जिसके कारण स्थिति बाद में बेहद गंभीर और जानलेवा हो रही है।
Risk of Breast Cancer And Anemia in Hindi: खराब जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और खानपान ठीक न हो पाने के कारण इसका असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी बहुत ज्यादा पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि महिलाओं के शरीर में तरह-तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और कई बार महिलाएं शुरुआत में इन बीमारियों के लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं जो बाद में गंभीर स्थिति बन सकते हैं। गाइनेकोलॉजिस्ट एंड ऑब्स्टेट्रिशियन डॉ. मीनाक्षी बंसल ने महिलाओं में एनीमिया और ब्रेस्ट कैंसर के तेजी से बढ़ रहे खतरे के बारे में बताया और यहां तक कि यह भी जानकारी दी कि कुछ महिलाएं इन खतरनाक व जानलेवा बीमारियों के शुरुआती लक्षण इग्नोर कर देते हैं जिससे बाद में लक्षण गंभीर हो जाते हैं। इस लेख में हम एक्सपर्ट्स की मदद से जानेंगे कि आखिर क्यों महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और एनीमिया का खतरा बढ़ रहा है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
आज के समय में महिलाओं में सबसे ज्यादा देखी वाली बीमारियों में एनीमिया (खून की कमी) और ब्रेस्ट कैंसर प्रमुख हैं। खास बात यह है कि इन दोनों ही समस्याओं को कई महिलाएं शुरुआत में गंभीरता से नहीं लेतीं। अक्सर महिलाएं अपने परिवार और कामकाज की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकती है। डॉ. मीनाक्षी बंसल, सीनियर कंसल्टेंट - आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली
महिलाओं में एनीमिया
डॉ. मीनाक्षी बंसल के अनुसार महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण कई बार उनके द्वारा ही इग्नोर कर दिए जाते हैं। एनीमिया की स्थिति में शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण महिलाओं को कमजोरी, चक्कर आना, जल्दी थकान होना, सांस फूलना, सिरदर्द, ध्यान न लगना और बाल झड़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। कई बार महिलाएं इन लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन लंबे समय तक खून की कमी बनी रहे तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासतौर पर गर्भावस्था के दौरान एनीमिया मां और बच्चे दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है, जिससे समय से पहले डिलीवरी और बच्चे का वजन सामान्य से कम होने जैसी कुछ गंभीर जटिलताएं देखी जा सकती हैं।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है और यह आझ के समय में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से एक बन चुकी की है।यह बीमारी शुरुआत में बहुत हल्के संकेत देती है, जिन्हें अक्सर महिलाएं अनदेखा कर देती हैं। ब्रेस्ट में छोटी गांठ महसूस होना, आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा में खिंचाव या गड्ढा पड़ना, लालिमा आना या निप्पल से किसी तरह का असामान्य द्रव बहना जैसे लक्षण इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
कई महिलाएं शर्म, डर या जानकारी की कमी की वजह से डॉक्टर के पास जाने में देर कर देती हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है और इलाज भी मुश्किल हो सकता है। जबकि अगर शुरुआती चरण में ही इसकी पहचान हो जाए, तो ब्रेस्ट कैंसर का इलाज काफी हद तक सफल हो सकता है।
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स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें महिलाएं
डॉ. मीनाक्षी बंसल के अनुसार महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और अगर शरीर में किसी भी तरह का कोई मामूली बदलाव होता है या कोई लक्षण दिखता है तो उस बारे में डॉक्टर से बात करें। साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार लेते रहें जैसे खाने में हरी पत्तेदार और मौसमी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज और अन्य आयरन से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करते रहें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।