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Written By: Kishori Mishra | Published : August 24, 2020 5:05 PM IST
सफेद बालों को ना करें अनदेखा, हृदय संबंधी रोगों के हो सकते हैं संकेत
Grey Hair And Heart Problems : सफेद बालों को अक्सर हम इग्नोर कर देते हैं। क्योंकि हमें लगता है कि यह एक सामान्य समस्या है। हाल ही में हुए रिसर्च की मानें तो हम जितना इस समस्या को हल्का मान रहे थे, यह उतनी हल्की समस्या नहीं है। दरअसल, सफेद बालों की समस्या दिल से जुड़ी बीमारियों का संकेत हो सकती है। रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि सफेद बाल लोगों में दिल से जुड़ी समस्या (Grey Hair And Heart Problems) हो सकती है।
स्पेन के यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (European Society of Cardiology) की वार्षिक बैठक में एक रिपोर्ट पेश की गई। इस अध्ययन में पता चला है कि सफेद बाल हाई कोरोनरी धमनी रोगों (coronary artery diseases) से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकती है, जो प्लाक बिल्ड-अप द्वारा ट्रिगर होती हैं। इतना ही नहीं, यह ऐसी कई बीमारियों का संकेत हो सकती है। आइए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च-
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (European Society of Cardiology) के शोधकर्ताओं की टीम ने अपने अध्ययन में 42 से 64 वर्ष की आयु वर्ग के 545 वयस्क पुरुषों को अपने सर्वेक्षण में शामिल किया। इस अध्ययन में हिस्सा लेने वाले लोगों को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया था। जिसमें गहरे काले वालों को एक ग्रुप, शुद्ध सफेद का एक ग्रुप और ग्रे बालों को एक अलग ग्रुप था। इस अध्ययन में पता चला है कि जिन लोगों के 80 प्रतिशत बाल सफेद थे, उनमें दिल से संबंधित होने वाली बीमारी का खतरा अधिक रहता है। रिसर्च के मुताबिक, ये प्राकृतिक या अस्वास्थ्यकर होने का एक बहुत ही बड़ा संकेत है।
रिसर्च में कहा गया है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रणालीगत सूजन, सेलुलर गिरावट, हार्मोनल परिवर्तन और डीएनए कार्य खराब होने लगता है। इसीलिए, उम्र बढ़ने के साथ-साथ आप हृदय रोग की चपेट में कभी भी आ सकते हैं। हालांकि, सफेद बालों और हृदय रोग के जोखिमों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए अभी आगे और रिसर्च की (Grey Hair And Heart Problems) आवश्यकता है।
हृदय रोग के कुछ ऐसे संकेत (cardiovascular disease symptoms) होते हैं, जिन पर हमें ध्यान देने की जरूरत है, इनमें छाती में दर्द या दबाव, जो एंजाइना का संकेत देता है (cardiovascular diseases)। बांह में दर्द या बैचेनी, उल्टे कंधे, कोहनी, जबड़े और पीछे दर्द या बैचेनी, मतली या थकान, चक्कर या पसीना आना। इनमें से किसी भी स्थिति का सामना करने पर विशेषज्ञ से परामर्श करें और इस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रबंध करें।
इसके अलावा हृदय रोग के कुछ ऐसे संकेत होते हैं, जो काफी आम होने की वजह से पर उसपर ध्यान नहीं देते हैं। जैसे-खर्राटे लेना, नींद से संबंधित समस्या, प्राकृतिक श्वास में ठहराव यानी स्लीप एपनिया इत्यादि इसके संकेत हो सकते हैं।
दिल से जुड़ी बीमारियां (cardiovascular diseases treatment) या जोखिम जैसे हार्ट अटैक होने पर तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। इसके उपचार की पद्धतियों में एन्जियोप्लास्टि आदि शामिल है, जिससे हार्ट मसल्स को होने वाले नुकसान को कम किया जाता है या टाला जा सकता है। एन्जियोप्लास्टि का उपयोग रक्त प्रवाह को पुनः बनाने में होता है।
इस प्रक्रिया में एक लंबीए पतली ट्यूब कैथेटर आर्टरी के सिकुड़े हुए हिस्से में डाली जाती है। एक पतले तार की जाली स्टंट को एक गुब्बारे पर रखकर कैथेटर से सिकुड़ी हुई आर्टरी में डालकर गुब्बारे को फुलाया जाता है। यह संकुचित आर्टरी की दीवारों पर स्टंट को संकुचित आर्टरी में छोड़ देता है। ड्रग मिले हुए स्टंट दवाई छोड़ते हैं और संकुचित आर्टरी को ठीक करने की प्रक्रिया में मदद करते हैं।
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