Greenery Benefits : हरियाली के बीच रहने से कम होता है अर्ली मेनोपॉज का खतरा, जानें अन्य सेहत लाभ

हाल ही में हुए एक शोध में यह बात भी सामने आई है कि हरी-भरी वादियों यानी ग्रीन स्पेस में रहने से मेनोपॉज में होने वाली परेशानियां कम होती हैं। महिलाएं अर्ली मेनोपॉज (Early Menopause) से बची रहती हैं। जानें, हरियाली के बीच रहने से होने वाले सेहत लाभ क्या हैं...

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : February 15, 2020 4:41 PM IST

जैसे ही आप मेट्रो शहरों से दूर किसी हरी-भरी वादियों वाले पहाड़ी इलाके में प्रेवश करते हैं, तो तन-मन को एक सुकून सा महसूस होता है। दिल-दिमाग जैसे तरो-ताजगी से भर उठता है। धूल-गंदगी, प्रदूषण, शोर-शराबे वाले इलाके से दूर जब आप किसी हरी-भरी वादियों के बीच (Greenery benefits in hindi) रहते हैं, तो आपको ताजगी का अहसास होता है। खुल कर आप स्वच्छ सांस ले पाते हैं।

क्या आप जानते हैं कि ग्रीनरी यानी पेड़-पौधों के बीच रहने के सेहत लाभ (Greenery benefits) कितने हैं? नहीं जानते हैं, तो हम आपको बताते हैं। जब आप ग्रीन इलाकों में रहते हैं, तो इससे मोटापा यानी ओबेसिटी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हाल ही में हुए एक शोध में यह बात भी सामने आई है कि हरी-भरी वादियों या जगहों में रहने से मेनोपॉज में होने वाली परेशानियां भी कम होती हैं। महिलाएं अर्ली मेनोपॉज (Early Menopause) से बची रहती हैं।

बार्सेलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (स्पेन) में हुए एक अध्ययन में यह कहा गया है कि तनाव (Stress) से खून में कॉर्टिसोल लेवल बढ़ता है और जब आप किसी ग्रीन जगह में रहते हैं, तो इसका खतरा कम हो जाता है। लो कॉर्टिसोल का स्तर (Low cortisol level) एस्ट्रैडियोल (Estradiol) के बढ़े हुए स्तर के साथ जुड़ा हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण महिला सेक्स हार्मोन होता है। जो महिलाएं हरी जगहों के पास रहती हैं, उनमें कॉर्टिसोल का स्तर कम होता है, जो उन्हें एस्ट्रैडियोल के उच्च स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।

क्या आपने सुना है ”फॉरेस्ट बेदिंग” के बारे में ? एक बार जरूर कीजिए, सेहत पर होंगे ये लाभ

इससे रजोनिवृत्ति (Menopause) की शुरुआत होने में देरी हो सकती है। शोध में कहा गया है कि जो महिलाएं कम हरियाली वाली जगहों में रहती हैं, उनमें अधिक हरियाली वाली जगहों में रहने वाली महिलाओं के मुकाबले 1.4 साल पहले ही मेनोपॉज की शुरुआत हो जाती है। इतना ही नहीं, कम हरियाली वाली जगहों में रहने से अवसाद (Depression) ग्रस्त होने का भी खतरा बढ़ जाता है, जो कम उम्र में ही मेनोपॉज होने का कारण बनता है।

हरियाली के बीच रहने के सेहत लाभ भी जानें (Health Benefits of living near green spaces)

तनाव होता है दूर

हरियाली के बीच रहने से मानसिक तनाव और जिंदगी से जुड़ी तमाम तरह की परेशानियों को आप कम कर सकते हैं। आपके घर के आसपास पार्क है, तो वहां जरूर जाकर थेड़ी देर बैठें। बड़े-बड़े पेड़ों के नीचे बैठना, पार्क में टहलना, जंगलों और पहाड़ी इलाकों में जाकर कुछ दिनों के लिए ठहरना, आपकी सेहत पर सकारात्मक असर करता है। इससे आपके अंदर स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल, पल्स रेट, रक्त दबाव और तनाव में कमी होती है।

बीमार नहीं होंगे जल्दी-जल्दी

हरियाली के बीच रहने, घूमने-फिरने से कई रोगों से बचाव होता है। कैंसर से बचा जा सकता है। फेफड़ों में स्वच्छ हवा जाने से फेफड़े हेल्दी रहते हैं। पेड़ों के इर्द-गिर्द और प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिताने से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है। प्रकृति के बीच रहने से शरीर और मस्तिष्क दोनों को ही लाभ पहुंचता है। एक अध्ययन के अनुसार, नेचर वॉक दिमाग को फ्रेश करता है। एक यूरोपियन स्टडी के अनुसार, पेड़-पौधों से भरी जगहों पर रहने से पुरुषों में होने वाली मृत्यु दर 16 फीसदी तक कम हो सकती है। इसके अलावा प्रकृति के बीच समय बिताने से फोकस और क्रिएटिविटी बूस्ट होती है। आप पहले से अधिक खुश और जीवंत महसूस करते हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source