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Written By: Yogita Yadav | Published : September 18, 2019 4:16 PM IST
भारत सरकार ने केबिनेट की बैठक के बाद फैसला लिया है कि ई सिगरेट का इम्पोर्ट, बिक्री और प्रचार सभी कुछ दंडनीय है। ई सिगरेट से स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे हो सकते हैं। © Shutterstock.
युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रही ई सिगरेट यानी इलैक्ट्रॉनिक सिगरेट (e-cigarettes)पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध (Ban on e-cigarettes) लगा दिया है। अब इसका इम्पोर्ट करने, प्रचार करने या बेचने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें 1 लाख रुपये जुर्माना और एक साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। ई सिगरेट स्वास्थ्य के लिए सिगरेट की ही तरह बहुत घातक (Health hazards of e-cigarettes) है। इससे मुंह के कैंसर के साथ ही फेफड़ों संबंधी बीमारियां होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं सेहत पर इसके नुकसान।
ई सिगरेट असल में एक इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस है। जो दिखने में पेन की तरह होती है। पर इसमें निकोटीन भरा जाता है और यह इलैक्ट्रॉनिक इन्हेलर की तरह काम करती है। इसमें बैटरी लगी होती है, जो निकोटीन को गर्म करती है और भाप बनाती है। जिससे लोग सिगरेट की तरह कश लेते हैं। इसका प्रचार करने के लिए शुरू में कहा गया था कि यह फ्लेवर्ड होती है और इससे सिगरेट की लत छुड़ाने में मदद मिलती है। जबकि बाद की जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि ई सिगरेट भी साधारण सिगरेट की ही तरह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
स्वास्थ्य रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि ई सिगरेट यानी इलैक्ट्रॉनिक सिगरेट भी साधारण सिगरेट की ही तरह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसमें निकोटीन भरा जाता है। यह जब गर्म होता है तो इससे धुआं जनरेट होता है, जिसे लोग कश की तरह खींचते हैं। यह फेफड़ों के लिए खतरनाक है। कुछ ई सिगरेट में अलग-अलग तरह के फ्लेवर डाले जाते हैं। यह मेंटल हेल्थ के लिए काफी खतरनाक है। जिससे ड्रग एडिक्शन बढ़ने का जोखिम रहता है।
ई सिगरेट के खतरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने केबिनेट की मीटिंग में इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। जिसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने और सजा का प्रावधान रखा गया है। पहली बार ई सिगरेट के इम्पोर्ट, प्रचार या बिक्री में दोषी पाए जाने पर 1 साल की जेल और 1 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। जबकि एक से अधिक बार इस मामले में दोषी पाए जाने पर जुर्माने की रकम पांच लाख और सजा तीन साल तक की हो सकती है।