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Tackling arthritis in winter. © Shutterstock
World Arthritis Day 2021: आर्थराइटिस (Arthritis) की समस्या जोड़ों में दर्द की वजह मानी जाती है। विभिन्न स्टडीज़ में यह बात कही गयी है कि भारत में लगभग 18 करोड़ से अधिक लोगों को आर्थराइटिस की बीमारी है और इसका प्रमाण डायबिटीज़, एड्स औऱ कैंसर के बाद सबसे अधिक है। आर्थराइटिस के भी प्रकार (Types of Arthritis) होते हैं और भारत में लोगों का आर्थराइटिस की जो समस्याएं सबसे ज़्यादा होती हैं उनके 3 प्रकारों (Most Common Types Of Arthritis In India) के बारे में हम लिख रहे हैं यहां:
यह भारत में काफी आम है। भारत में इसकी दर 22 प्रतिशत से 39 प्रतिशत तक है। हर साल डेढ़ करोड़ से अधिक वयस्क (risk of Arthritis) इसकी चपेट में आते हैं। इस समस्या का संभावना महिलाओं में अधिक होती है और उम्र के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है स्टडीज़ में यह बात भी कही गयी है कि 65 वर्ष से अधिक 45% महिलाओं को ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा होता है। यह भी पढ़ें- डिप्रेशन होने पर कैसा महसूस करते हैं लोग, जानें डिप्रेशन के लक्षण
यह दूसरा सबसे आम गठिया या आर्थराइटिस का प्रकार है। रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो जोड़ों के पास के टिश्यूज़ को प्रभावित करते हैं। हालांकि इसके सही कारणों का पता नहीं चला है लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जल्द से जल्द इस बीमारी का पता लगाने से इसके इलाज में मदद होती है। यह भी पढ़ें- सिम्पल डायट, पैदल चलने और विनम्र रहने जैसी हेल्दी टिप्स, महात्मा गांधी के जीवन से मिलती हैं हमें ।
गाउट या गाउटी आर्थराइटिस भी भारत में आर्थराइटिस का एक आम प्रकार है। यह जोड़ों के आसपास की त्वचा में सूजन और जलन का कारण होती है। गाउट के मामले 50 की उम्र के पार या अधिक वज़न वाले लोगों में 3 से 4 गुना अधिक पाए जाते हैं।
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