
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : June 9, 2021 3:34 PM IST
क्या होता है गाउट और इसका यूरिक एसिड से क्या नाता है?
गठिया अर्थात जोड़ों में दर्द (Joint Pain) का एक कारण खून में यूरिक एसिड (Uric Acid) की अधिकता भी होता है। यूरिक एसिड हमारे शरीर का एक वेस्ट पदार्थ होता है। जब हम कुछ ऐसी चीजें खा लेते हैं जिनसे हमारे शरीर में प्यूरिन का लेवल अधिक हो जाता है तो हमारे खून में यूरिक एसिड का निर्माण होता है। जब हमारी किडनी किसी कारणवश फिल्टर (शरीर की गंदगी बाहर निकालने की प्रक्रिया) करने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है तो यूरिया यूरिक एसिड में बदल जाता है। यूरिक एसिड के कारण गाउट जैसी बीमारियां होती हैं जो एक प्रकार का गठिया ही है और इससे जोड़ों का दर्द और अधिक बढ़ जाता है। जब यूरिक एसिड की मात्रा शरीर में ज्यादा हो जाती है तो उसे हाइपर यूरेशिया कहा जाता है। तो आइए जानते हैं यूरिक एसिड का हमारे जोड़ों से क्या संबंध है और यह किन किन चीजों को खाने की वजह से अधिक बढ़ता है।
गठिया के ही एक साधारण रूप को गाउट कहा जाता है और इस स्थिति के दौरान आपको जोड़ों में सूजन और दर्द महसूस करना पड़ता है। यह दर्द बहुत अधिक भी बढ़ जाता है। इस स्थिति के दौरान आपके शरीर के सभी ज्वाइंट्स बहुत नाजुक और अधिक गर्म हो जाते हैं जिस कारण उनसे किसी कोमल या हल्की चीज का वजन भी नहीं उठाया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब से यह दर्द शुरू होता है उसके 4 से 12 घंटों तक यह अधिक बढ़ता जाता है।
हमारी किडनी हमारे द्वारा खाए गए सभी पदार्थों को फिल्टर करती है तथा जो चीजें फिल्टर नहीं हो पाती हैं वह पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाती हैं। अगर आप भिंडी, सी-फूड, राजमा, अरबी जैसी चीजें अधिक खाते हैं तो इन चीजों को आपकी किडनी फिल्टर नहीं कर पाती है। इसी के कारण आपके शरीर में यूरिक एसिड बनता जाता है।
अगर आप अपनी डाइट में बहुत सी ऐसी चीजें शामिल करते हैं जिनमें प्यूरिन पाई जाती है तो उनसे आपके शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ सकता है। यूरिक एसिड के क्रिस्टल आपके ज्वाइंट्स में जमा होते जाते हैं जिस कारण जोड़ों में सूजन और बहुत तेज दर्द भी होने लगता है। जब खून में अधिक यूरेट क्रिस्टल हो जाते हैं तो इसकी वजह से गाउट की समस्या शुरू हो जाती है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि जोड़ों से संबंधित सूजन और दर्द का एकमात्र कारण प्यूरिन होता है।
गाउट हमारे शरीर में एकदम से नही होता है, जब यूरिक एसिड हमारे शरीर में बढ़ने लगता है या निम्न स्टेज पर होता है तो हमें पता नही लगता है और हम फिर भी प्यूरिन से युक्त चीजें जैसे फूल गोभी, मटर, मशरूम, कस्टर्ड, फ्रेंच बीन्स, छोले, मसूर, राजमा, चना, चीकू और सेब आदि खाते रहते हैं। इनके कारण यूरिक एसिड और अधिक बढ़ जाता है और हमें गाउट अर्थात् गठिया का सामना करना पड़ता है।
अगर आपको लग रहा है कि आपके शरीर में गाउट है तो आपको नमक जितना हो सके उतना कम खाना चाहिए। नमक के अलावा आपको सिरका, दही, नींबू का रस, काली मिर्च पाउडर और अमचूर जैसी चीजों का सेवन भी नहीं करना चाहिए या बहुत ही कम मात्रा में करना चाहिए।
गाउट होने का एक रिस्क फैक्टर मोटापा भी होता है इसलिए आपको वह चीजें खानी चाहिए जिनमें कैलोरीज़ कम हो और प्यूरिन की मात्रा भी ज्यादा न हो। अगर आप दही या दूध खा पी रहे हैं तो इनमें से सारा फैट और मलाई निकाल कर ही खाएं, ताजे फल और सब्जियां खा सकते हैं, नट, पीनट बटर, चावल, आलू और तेल का भी सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
अगर आपको गाउट है तो केवल अपनी डाइट में बदलाव करने से ही आपका सारा काम नहीं हो जाएगा बल्कि इसके लिए आपको डॉक्टर की सहायता भी लेनी पड़ेगी। दवाइयों के साथ साथ अगर डाइट और लाइफस्टाइल बढ़िया रखेंगे तो जरूर गाउट ठीक हो जायेगा।