
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 30, 2020 11:56 AM IST
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गिलोय एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधी है जो कई रोगों से निजात दिलाती है। योग गुरू बाबा रामदेव भी तमाम रोगों से बचने और इम्युनिटी को स्ट्रॉंग करने के लिए गिलोय के सेवन पर जोर देते हैं। गिलोय के इन्ही गुणों की वजह से इसे धरती का अमृत कहा जाता है। गिलोय का सेवन मानसून के मौसम में होने वाली वायरल बीमारियां डेंगू, मलेरिया, डायरिया, टायफाइड और चिकनगुनिया के जोखिम को भी कम करता है। यह तो सब जानते हैं कि गिलोय शरीर के लिए फायदेमंद होती है लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि इसे कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए? खासकर बच्चों की बच्चों को गिलोय कब और कितनी मात्रा में देनी चाहिए? क्योंकि बच्चों की इम्युनिटी बहुत कमजोर होती है जिसके चलते उन्हें कोई भी चीज जल्दी रिएक्ट करती है। आज इस लेख में हम आपको गिलोय के फायदों के साथ ही गिलोय पीने का सही समय और बच्चों के लिए गिलोय से संबंधित सावधानियां भी बता रहे हैं।
किसी भी बीमारी में कोई भी दवा या नुस्खा अपनाने से पहले आपको उसकी सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। यह बात गिलोय के संदर्भ में भी अप्लाई होती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि गिलोय कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए यह व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक वयस्क व्यक्ति गिलोय का सेवन कभी भी कर सकता है। जबकि 5 से 12 साल के बच्चों को गिलोय का काढ़ा शाम के वक्त पिलाना चाहिए। क्योंकि गिलोय का रस स्वाद में कड़वा होता है जिसे बच्चे बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। सुबह के वक्त बच्चों को जबरदस्ती गिलोय पिलाने से उन्हें पेट में दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। वहीं 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए।
यह एकदम सच है कि गिलोय सेहत के लिए कमाल का काम करता है। लेकिन अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। 18 साल की उम्र से अधिक के व्यक्ति को एक दिन में एक ग्राम तक गिलोय का सेवन करना चाहिए। इससे ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर शरीर को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। आयुर्वेदिक एक्पर्ट तो यहां तक कहते हैं कि असीमित मात्रा में गिलोय का सेवन करने से सेहत को खतरा भी हो सकता है।
5 साल की उम्र से कम के बच्चों को गिलोय का सेवन नहीं कराना चाहिए। क्योंकि इस उम्र में बच्चों के अंग सही तरह से विकसित नहीं होते हैं और इम्युनिटी भी कमजोर होती है। ऐसे में नवजात और छोटे बच्चों को गिलोय नहीं देनी चाहिए। हालांकि 5 साल की उम्र के बाद के बच्चों को एक दिन में 250 मिलीग्राम तक गिलोय दिया जा सकता है। इससे अधिक किसी भी कीमत पर दें। यदि आपको लगता है कि बच्चा इससे ज्यादा भी डाइजेस्ट कर लेगा तब भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही ऐसा करें।