ल्यूकेमिया कैंसर के सामान्य संकेत - जानें कैसे बचें इस ब्लड कैंसर बीमारी से

वैज्ञानिकों ने डीएनए कोड के कुछ बदलावों को ट्रैक करके ब्लड टेस्ट के माध्यम से पांच साल पहले ही ल्यूकोमिया के खतरे की पहचान कर सकने की खोज की है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 22, 2019 5:43 PM IST

ल्यूकेमिया कैंसर एक ब्लड कैंसर है जो किसी को भी हो सकता है। ज्यादातर यह देखा जाता है कि यह बच्चों में होता है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने डीएनए कोड के कुछ बदलावों को ट्रैक करके ब्लड टेस्ट के माध्यम से पांच साल पहले ही ल्यूकोमिया के खतरे की पहचान कर सकने की खोज की है। इस रिसर्च के माध्यम से हेल्दी लोगों में भी इस बीमारी के लक्षण हैं इसका पता लगाया जा सकता है।

ल्यूकेमिया कैंसर एक तरह से लाइलज बीमारी है। इसके इलाज में ज्यादातर जीवन को बचाए रखने के उपाय किये जाते हैं. कैंसर का इलाज जो भी अभी तक उपलब्ध है वो जीवन बचाने में बहुत ज्यादा कारगर नहीं हैं। लेकिन कैंसर की बीमारी से दूर रहने के उपाय जरूर है।

आइए जानते हैं ल्यूकेमिया कैंसर के लक्षण क्या होते हैं. ल्यूकेमिया कैंसर के सामान्य संकेत क्या हैं. ल्यूकेमिया कैंसर क्यों होता है. ल्यूकेमिया कैंसर का इलाज क्या है.

ल्यूकेमिया कैंसर क्या है ?

शरीर में ल्यूकेमिया कैंसर उस अवस्था को कहते हैं जब रेड ब्लड सेल की संख्या से सफेद ब्लड सेल की संख्या अधिक हो जाती है. जिसकी वजह से रेड ब्लड सेल और प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। हेल्दी शरीर के लिए रेड ब्लड सेल की मात्रा और उसका सही तरीके से काम करना जरूरी होता है।

ल्यूकेमिया कैंसर के लक्षण 

होने से पहले ल्यूकेमिया कैंसर के कुछ लक्षण भी होते हैं जिसका ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं ल्यूकेमिया के सामान्य लक्षण जो होने से पहले ही शरीर में दिखने लगते हैं। हम यहां ल्यूकेमिया कैंसर के कुछ खास लक्षणों के बारे में बता रहे हैं जिससे आप इस खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं।

स्किन का रंग 

अगर स्किन का रंग बदलता है तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। अगर स्किन का रंगत पीलापन लिए हो तो इसकी जांच जल्द करानी चाहिए। वैसे तो स्किन का पीला पड़ना कई अन्य कारणों से भी होता है लेकिन ल्यूकेमिया कैंसर में रेड ब्लड सेल कम होते जाते हैं इसलिए इसकी संभावना को दरकिनार नहीं करना चाहिए।

महिलाओं में अत्यधिक पीरियड्स 

ल्यूकेमिया का कैंसर अगर किसी महिला को होने वाला है तो सबसे सामान्य लक्षण होता है कि उनमें पीरियड़स के दौराना अत्यधिक रक्तस्राव होता है। इसकी मुख्य वजह यह माना जाता है कि शरीर में रेड ब्लड सेल की संख्या कम हो जाती हैं जिसकी वजह से अत्यधिक पीरियड्स होता है।

इंफेक्शन और बुखार

जब शरीर में सफेद ब्लड सेल अधिक होता जाता है तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। इसकी वजह से कई तरह के इंफेक्शन जल्द लग जाते हैं और इंसान बीमार पड़ने लगता है। बार-बार बुखार आना भी इसका एक लक्षण हो सकता है।

चोट का जल्दी ठीक न होना 

जब किसी को ल्यूकेमिया होने वाला होता है या होता है तो सामन्यतया उसे लगने वाली चोट जल्दी ठीक नहीं होती है। ऐसा इसलिए होता है क्यों कि शरीर में रेड ब्लड सेल की संख्या लगातार कम होती जाती है।

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