परवेज मुशर्रफ का निधन, इस रेयर डिजीज से थे बीमार जिसमें प्रोटीन जमने के कारण बेकार हो जाते हैं शरीर के कई अंग

Amyloidosis: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया।उनकी तबीयत लम्बे समय से बेहद खराब चल रही थी।

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Written By: Pallavi | Updated : February 5, 2023 12:50 PM IST

Parvez Musharraf Death: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह और राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया है। कुछ समय पहले वह सख्त बीमार थे और उसके बाद उन्हें यूएई  के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दुबई के अस्पताल में ही परवेज मुशर्रफ ने अपनी आखिरी सांसें ली। तब उनके परिवार ने कहा था कि, ''वे मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं जिसमें कि उनकी रिकवरी संभव नहीं है"। दरअसल, 78 साले के जनरल मुशर्रफ को एक अजीब की बीमारी हुई थी जिसे अमाइलॉइडोसिस (Amyloidosis in hindi) कहते हैं जिसमें शरीर में अमाइलॉइड का स्तर असामान्य स्तर तक बढ़ जाता है। आइए जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इसके उपचार के तरीकों के बारे में।

क्या है अमाइलॉइड ? (What is Amyloid )

अमाइलॉइड शरीर में बनने वाला एक प्रोटीन है। इस प्रोटीन का बनना एक दुर्लभ और असामान्य स्थिति मानी जाती है और आमतौर अमाइलॉइड  प्रोटीन बोन मैरो में बनता है। हालांकि, यह शरीर के किसी भी सेल या ऑर्गन में जमा हो जाता है।

अमाइलॉइडोसिस एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी है जो शरीर में असामान्य अमाइलॉइड जमा होने के कारण हो जाती है। ये अमाइलॉइड हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे, टिशूज और शरीर के अन्य भागों में जमा हो सकता है। ये एक व्यक्ति को एक या कई अंगों में अमाइलॉइडोसिस हो सकता है।

अमाइलॉइडोसिस का क्या कारण है-Causes of Amyloidosis?

अमाइलॉइडोसिस एक रेयर डिजीज है। ये कभी-कभी यह जीन में उत्परिवर्तन (जीन म्यूटेशन) के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी अमाइलॉइडोसिस का कारण अज्ञात रहता है। दरअसल, अमाइलॉइडोसिस कई प्रकार के होते हैं और उसी के अनुसार ये बीमारी हो सकती है। जैसे कि लाइट-चेन (एएल) अमाइलॉइडोसिस गुर्दे हृदय और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। तो कुछ प्लाज्मा कोशिकाओं और बोन मेरो को प्रभावित कर सकते हैं। इसमें ज्यादातर लोगों के अलग-अलग अंगों में प्रोटीन जमा हो जाता है और फिर ये उन अंगों या टिशूज के काम काज को प्रभावित करता है।

अमाइलॉइडोसिस के लक्षण-Symotoms of Amyloidosis

अमाइलॉइडोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कौन से टिशूज और अंग प्रभावित होते हैं। जैसे कि,

-अधिकांश लोगों के किडनी में अमिलॉयड प्रोटीन का निर्माण होता है इसलिए उनकी किडनी खराब हो जाती है।

-कुछ लोगों के दिल की मांसपेशियों में प्रोटीन जमा हो जाता है। इस हृदय में अमाइलॉइड के जमा होने से मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं, जिससे शरीर के चारों ओर खून पंप करना अधिक कठिन हो जाता है। इसके कारण हार्ट फेल्योर का खतराज्यादा रहता है।

-सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।

-नसों या पाचन तंत्र जैसे अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है।

-सिर चकराना या बेहोशी महसूस करना

-हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस होना

-मतली, दस्त या कब्ज

-कुछ अमाइलॉइडोसिस को एक प्रकार के हड्डी के कैंसर से जोड़ा जा सकता है जिसे मल्टीपल मायलोमा कहा जाता है।

अमाइलॉइडोसिस के इलाज क्या है-Amyloidosis Treatment

अमाइलॉइडोसिस होने पर डॉक्टर संभावित परीक्षणों का आदेश दे सकते हैं। आपके शरीर के आंतरिक अंगों पर एक नजर डालने के लिए एक मूत्र परीक्षण और एक रक्त परीक्षण के बाद इकोकार्डियोग्राम, हृदय परीक्षण या किडनी अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं। डॉक्टर बायोप्सी करवा सकते हैं ताकि जाना जा सके कि कहीं बीमारी बोन मेरो तक तो नहीं पहुंच गई है।

इसके बाद कीमोथेरेपी की मदद ली जा सकती है। दरअसल, कैंसर कोशिकाओं को मारने या उन्हें बढ़ने से रोकने के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ दवाएं उन कोशिकाओं के विकास को भी रोक सकती हैं जो एमाइलॉयडोसिस वाले लोगों में असामान्य प्रोटीन बना रही हैं। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया जा सकता है और आपके रक्त से स्टेम कोशिकाओं को हटा दिया जाता है। साथ ही कुछ दवाओं की मदद से भी शरीर के अंगों में जमा प्रोटीन को साफ करने की कोशिश की जा सकती है।

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