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हीमोफीलिया का अब जल्द ही जीन थेरेपी से होगा इलाज, AIIMS के डॉक्टर कर रहे हैं रिसर्च

World Hemophilia Day : हीमोफीलिया का बेहतर इलाज के लिए जीन थेरेपी पर रिसर्च किया जा रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

हीमोफीलिया का अब जल्द ही जीन थेरेपी से होगा इलाज, AIIMS के डॉक्टर कर रहे हैं रिसर्च

Written by Kishori Mishra |Published : April 17, 2023 12:25 PM IST

World Hemophilia Day : हीमोफीलिया एक जेनेटिक बीमारी है, जिसका इलाज काफी ज्यादा मुश्किल होता है। लेकिन अब जल्द ही इसके मरीजों के लिए खुशखबरी सामने आने वाली है। खबरों की मानें तो जल्द ही हीमोफीलिया के मरीजों का इलाज जीन थेरेपी से संभव हो सकेगा। फिलहाल इस विषय को लेकर दुनियाभर में रिसर्च चल रहा है। दिल्ली के एम्स में भी जीन थेरेपी को लेकर शोध जारी है। रिसर्च के पहले चरण में जीन थेरेपी ट्रीटमेंट के रिजल्ट हीमोफीलिया बी के मरीजों पर अच्छे आए हैं। ऐसे में यह काफी बड़ी उपलब्धि है। फिलहाल हीमोफीलिया ए के मरीजों पर इसे लेकर रिसर्च किया जा रहा है। आने वाले कुछ समय में इसे लेकर मरीजों का इलाज किया जाएगा, जो काफी कारगर साबित हो सकता है। 

क्या है हीमोफीलिया? - What is Hemophilia

हीमोफीलिया एक तरह का ब्लीडिंग डिसऑर्डर है, जिसमें खून का थक्का नहीं जमता है। यह किन कारणों से होता है, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट अध्ययन सामने नहीं आए हैं। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक जेनेटिक बीमारी है। हीमोफीलिया के मरीजों में खून के थक्के बनना काफी कम गो जाता है। इस स्थिति से जूझ रहे मरीजों को अगर किसी कारण से चोट लग गई तो इस स्थिति में उनका खून रुकना मुश्किल हो जाता है। यह डिजीज महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक देखी जाती है। 

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हीमोफीलिया के लक्षण - Symptoms of Hemophilia 

  • नाक से खून बहना
  • मसूड़ों से बिना वजह खून आना
  • स्किन छिल जाना, शरीर में आंतरिक रूप से ब्लीडिंग होना। 
  • जोड़ों में दर्द रहना
  • चोट लगने पर खून बहना न रुकना, इत्यादि।

हीमोफीलिया होने पर कैसे करें बचाव?

  • हीमोफीलिया मरीजों को नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की जरूरत होती है। 
  • इसके अलावा आउटडोर गेम खेलने से बचें। 
  • खून को पतला करने वाले आहार या फिर दवा का सेवन न करें। 
  • दांतों की स्वच्छता का ध्यान रखें। 
  • घर में नुकीली चीजें या फिर कोनों से बचकर रहें, ताकि किसी तरह की चोट न लगे। 

दिल्ली स्थिति एम्स के हेमेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. मनोरंजन महापात्र का कहना है कि हीमोफीलिया के इलज को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली एम्स में जीन थेरेपी पर रिसर्च किया जा रहा है। रिसर्च अगर सफल रहा तो यह इलाज का काफी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। 

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