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Written By: Atul Modi | Published : November 14, 2022 4:14 PM IST
पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Stomach Cancer) भी कहा जाता है, पेट में सेल्स के बढ़ने के कारण पेट का कैंसर होता है, जो सेल्स हमारे भोजन को तोड़ने और पचाने में मदद करती है। पेट का कैंसर पेट के किसी भी हिस्से में हो सकता है। गैस्ट्रिक कैंसर पेट के ऊपर और बीच के भाग में पसलियों के ठीक नीचे होता है, जो दिखने में पेट में शुरू होने वाले सेल्स की ग्रोथ ही जैसी होती है।
पेट का कैंसर पहली स्टेज में ज्यादा लक्षण पैदा नहीं करता है। जब वे होते हैं, तो इन लक्षणों में पेट के ऊपरी हिस्से में भोजन ना पचना और पेट में दर्द शामिल हो सकता है। पेट में कैंसर के होने तक ये लक्षण नहीं दिखते हैं। पेट के कैंसर के बाद बहुत थकान महसूस होती है, बिना वर्क आउट किए वजन कम होना, खून की उल्टी होना और काला मल आना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
पेट का कैंसर जो शरीर के अलग अलग हिस्सों में फैलता है उसे मेटास्टेटिक पेट का कैंसर कहा जाता है। यह अलग अलग लक्षणों का कारण बनता है जहां पर यह फैलता है। उदाहरण के लिए, जब कैंसर लिम्फ नोड्स में फैलता है तो इससे गांठ हो सकती है जिसे आप त्वचा के माध्यम से महसूस कर सकते हैं। लीवर में फैलने वाले कैंसर से त्वचा पीली होने लगती है और आंखों का सफेद होना हो सकता है। यदि कैंसर पेट में फैलता है, तो इससे पेट में लिक्विड पदार्थ भर सकता है। पेट में सुजन होने लगती है।
लक्षणों की पहचान करने से इलाज करवाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इस बात का दुःख है कि गैस्ट्रिक कैंसर में पेट के कैंसर के कोई शुरुआती लक्षण नहीं होते हैं और लोगों को तभी पता चलता है जब कैंसर हाई स्टेज में पहुंच जाता है। गैस्ट्रिक कैंसर के कुछ लक्षणों में पेट में दर्द हो सकता है। भोजन के बाद, जी मिचलाना, उल्टी, खूनी मल, सूजन, भूख में कमी के साथ अचानक वजन घटाने और थकान शामिल है।
पेट के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए निम्न बातों को गौर कर सकते हैं:
आमतौर पर पेट के कैंसर का इलाज निम्न में से एक या अधिक के साथ किया जाता है;
आपके डॉक्टर कैंसर के प्रकार और अवस्था के अनुसार उपचार योजना का सटीक तरीका तय करता है। ऑन्कोलॉजिस्ट न केवल कैंसर कोशिकाओं का इलाज करेगा, बल्कि कोशिकाओं को फैलने से भी रोकेगा। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो कैंसर फेफड़े, हड्डियों और अन्य ऑर्गन में फैल सकता है।
गैस्ट्रिक कैंसर को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन लोग अपने जीवन में कुछ बदलाव करके और स्वस्थ भोजन खाकर धूम्रपान छोड़कर और हर रोज व्यायाम करके पेट के कैंसर को कम कर सकते हैं।
(डॉक्टर अनिल थकवानी, डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ ऑनकोलॉजी, शारदा अस्पताल)