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Heart attack signs in summer in hindi: गर्मी का मौसम वैसे तो छुट्टियों और मस्ती का समय है। लेकिन यह गर्मियां केवल तेज धूप और पसीने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि मौसम कई बीमारियों को भी ट्रिगर करता है। अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, फूड पॉइजनिंग, स्किन इंफेक्शन और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। साथ ही, दिल की बीमारियों और ब्लड प्रेशर की परेशानी भी इस मौसम में बढ़ जाती है। गर्मियों में गलत खान-पान, बाहर का दूषित खाना और ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इस मौसम में हल्का, ताजा और संतुलित आहार लें, पानी भरपूर पिएं और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक बढ़ जाता है और दुर्भाग्यवश लोग इसके लक्षणों या कारणों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। तो जानते हैं वे 5 मुख्य कारण जिनसे गर्मियों में दिल की बीमारी और हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है।
गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिए बहुत ज्यादा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। अगर समय पर पानी ना पिया जाए तो ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर गिरता है और दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति हार्ट अटैक को जन्म दे सकती है।
तेज गर्मी शरीर के तापमान को असंतुलित कर देती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर होने लगता है, जिसका मतलब है कि ब्लड प्रेशर में तेजी उतार-चढ़ाव आता है। यह उतार-चढ़ाव खासकर हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए गर्मियों में ऐसे लक्षणों को थोड़े से समय के लिए भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।
कई लोग सुबह की बजाय दोपहर या तेज धूप में व्यायाम करते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति हृदय के लिए खतरनाक हो सकती है और अचानक हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है। सही समय पर व्यायाम जरूरी है ताकि आपका स्वास्थ्य और हार्ट दोनों हेल्दी रहें।
गर्मी में थकान दूर करने के लिए कई लोग कोल्ड ड्रिंक्स, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन करने लगते हैं। इनमें मौजूद कैफीन और शुगर दिल की धड़कन और रक्तचाप को असामान्य कर सकते हैं, जिससे हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।
गर्मियों में देर रात तक जागना, अनियमित दिनचर्या और नींद की कमी से शरीर में तनाव और थकान बढ़ती है। यह स्थिति दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। समय पर नींद लेना हृदय के लिए जरूरी है। अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।