महिलाओं में पित्त की पथरी का खतरा ज्यादा क्यों होता है? जानें, कारण और लक्षण और इलाज

महिलाओं में पित्त की पथरी का खतरा ज्यादा हो सकता है। ऐसा शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर ज्यादा होने की वजह से हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। पित्त की पथरी के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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Written By: Dr. Pankaj Sharma | Published : May 27, 2026 6:14 PM IST

आजकल महिलाओं में पित्त की पथरी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र की महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, मोटापा और हार्मोनल बदलाव आदि को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। शुरुआत में गैस और अपच जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन, इसका समय रहते इलाज कराना बहुत जरूरी है। वरना, यह समस्या काफी गंभी बन सकती है और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

आपको बता दें कि गॉलब्लैडर हमारे लिवर के नीचे मौजूद एक छोटा-सा अंग होता है, जो पित्त रस को स्टोर करता है। जब इस पित्त में कोलेस्ट्रॉल या अन्य पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है, तब छोटे-छोटे कठोर कण बनने लगते हैं और इन्हें ही पित्त की पथरी कहा जाता है।

महिलाओं में पित्त की पथरी का ज्यादा खतरा क्यों?

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में पित्त की पथरी का खतरा ज्यादा बना रहता है। इसके मुख्य कारण हैं-

  • एस्ट्रोजन हार्मोन का ज्यादा होना। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर ज्यादा होता है। यह हार्मोन पित्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकता है। इससे पथरी का खतरा ज्यादा हो सकता है
  • गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन करना। जो महिलाएं लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं या हार्मोन थेरेपी लेती हैं, उनमें पित्त की पथरी का खतरा सामान्य से अधिक हो सकता है।
  • फास्ट फूड्स, तला-भुना खाना और फिजिकल एक्टिविटी कम करने से भी पित्त की पथरी का खतरा ज्यादा होता है। मोटापा इसके खतरे को बढ़ा सकता है।

पित्त की पथरी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

जब पित्त में पथरी बनती है, तो कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। इस समस्याओं की बिल्कुल अनदेखी न करें। जैसे-

  • पित्त की पथरी की वजह से पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द महसूस हो सकता है।
  • पथरी वाले लोगों को खाना खाने के बाद भारीपन लग सकता है।
  • इन लोगों को हर वक्त मतली और उल्टी जैसा भी महसूस हो सकता है।
  • अगर आपको हर समय गैस और अपच जैसी समस्याएं रहती हैं, तो ये पथरी के लक्षण हो सकते हैं।
  • पीठ या कंधे में दर्द भी पित्त की पथरी की वजह से हो सकता है।
  • अगर आपको दर्द बार-बार हो रहा हो, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।

क्या पित्त की पथरी का इलाज संभव है?

जी हां, पित्त की पथरी का इलाज पूरी तरह से संभव है। आजकल पित्त की पथरी का इलाज आधुनिक तकनीकों से आसानी से किया जा सकता है। अगर पथरी छोटी होती है, तो कुछ दवाइयों और डाइट से ही इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन, अगर बार-बार और ज्यादा दर्द होता है, तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है। आजकल लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी की मदद से भी गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज किया जा रहा है। इस सर्जरी की वजह से दर्द कम होता है और जल्दी रिकवरी में भी मदद मिलती है।

पित्त की पथरी से बचाव कैसे करें?

  • पित्त की पथरी से बचने के लिए ज्यादा तला-भुना खाना खाने से परहेज करें।
  • मोटापा भी पित्त की पथरी का कारण बनता है। इसलिए वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।
  • रोजाना एक्सरसाइज करें। इससे पित्त की पथरी से बचाव हो सकता है।
  • पित्त की पथरी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बहुत जरूरी है।
  • अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करें।

Disclaimer: आजकलपित्त की पथरी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसलिए अगर कोई भी लक्षण महसूस हो, तो एक बार जांच जरूर करें। साथ ही, अपनी डाइट का ध्यान रखें और रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें।

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