
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : December 8, 2025 5:29 PM IST
Gaadi me Ulti Kaise Roke: हर परिवार में कोई न कोई ऐसा जरूर मिल जाता है, जिसे गाड़ी में ट्रैवल करते ही उल्टी जैसा मन होने लगता है। हर 5-10 किलोमीटर पर वह व्यक्ति गाड़ी रुकवाता है, बाहर जाता है उल्टी करके और एक घूंट पानी पीकर वापस गाड़ी में बैठ जाता है। पूरे रास्ते वह अपना सिर पकड़ के रखता है और बार-बार बाहर जाता है। ऐसे लोग परेशान तो बहुत कर देते हैं, लेकिन क्या करें यह उनकी हेल्थ कंडीशन है। इसे मोशन सिकनेस कहा जाता है, जो ज्यादातर महिलाओं में देखी जाती है। वैसे तो यह पुरुषों में भी देखी जाती है, लेकिन इसके ज्यादातर मामले महिलाएं में ही देखे जाते हैं। क्या है मोशन सिकनेस, यह क्यों होती है और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है। क्या कोई इलाज है, जिसकी मदद से इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सके, ये सब हम इस लेख में जानेंगे।
कुछ लोगों को गाड़ी में बैठने के कुछ समय बाद ही उल्टी जैसा मन होने लगता है और इसी समस्या को मोशन सिकनेस कहा जाता है। लेकिन बहुत ही कम लोगों को इस समस्या के बारे में पूरी जानकारी होती है और लोग अक्सर इससे छुटकारा पाने के लिए अक्सर गाड़ी के शीशे उतारना, बार-बार नींबू चूसना आदि तरीके अपनाते हैं जो कई बार काम नहीं कर पाते हैं।
दरअसल चलती गाड़ी में शीशे बंद होने के कारण एक गूंज पैदा होती है और हिल-ढुल के कारण आंखें व आंतरिक कान दिमाग को कुछ ऐसे सिग्नल भेजते रहते हैं जिससे जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षण पैदा हो जाते हैं। यह आमतौर पर आंख व कान के द्वारा भेजे गए सिग्नल सही मेल न खा पाने के कारण ब्रेन द्वारा दिया गया एक स्ट्रेस रिस्पांस होता है।
यह सच है कि गाड़ी में बैठने के बाद उल्टी जैसा मन होने की समस्या आमतौर पर महिलाओं में ज्यादा होती है और इसके पीछे आमतौर पर महिलाओं में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण ज्यादा देखा जाता है। मासिक धर्म के दौरान, प्रेगनेंसी के दौरान या फिर गर्भ निरोधक गोलियां लेने के कारण महिलाओं में यह समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है, जिसके कारण मोशन सिकनेस की समस्या भी महिलाओं में ज्यादा होने लगती है।
मोशन सिकनेस की समस्या के लिए कोई ऐसा घरेलू नुस्खा नहीं है, जिससे इस समस्या से पूरी तरह से छुटकारा पाया जा सके। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर इसके लक्षणों को कम से कम किया जा सकता है जैसे गाड़ी में बैठने से पहले ज्यादा हैवी खाना न खाना जैसे तला हुआ या ज्यादा शुगर वाला खाना आदि, शराब का सेवन न करें, अदरक या नींबू का पानी पीएं, हल्के शीशे खोलकर रखें, गर्दन को सीधी रखें और हो सके तो गाड़ी की अगली वाली सीट पर बैठ जाएं ताकि आप सामने ठीक से देख सकें।
मोशन सिकनेस का कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन इसके इलाज में कुछ दवाएं हैं जिनकी मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। डॉक्टर आपको आमतौर पर उल्टी व जी मिचलाने के लक्षणों को बंद करने की दवा दे सकते हैं, जिन्हें आप गाड़ी में बैठने से 10 से 15 मिनट पहले खा सकते हैं। हालांकि, यह भी देखा गया है कि जिन लोगों को यह समस्या रहती है और फिर भी वे अक्सर गाड़ी में ट्रैवल करते रहते हैं, तो धीरे-धीरे शरीर को उसकी आदत पड़ जाती है और ऐसे लक्षण होना काफी हद तक बंद हो जाते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।