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क्या बार-बार जम्हाई आना किसी बीमारी का संकेत हो सकता है? जानें कब सतर्क रहने की जरूरत होती है

क्या आपको बैठे-बैठे जम्हाई आने लगती है? क्या भरपूर नींद लेने के बाद भी जम्हाई आती है? अगर हां, तो यह शरीर में होने वाली कुछ समस्याओं की ओर इशारा करता है। आइए जानते हैं इस बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 2, 2026 9:31 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Arvind Kumar

जम्हाई लेना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया मानी जाती है। थकान, नींद की कमी या बोरियत के दौरान लगभग हर व्यक्ति को जम्हाई आती है। लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के दिनभर बार-बार जम्हाई आती है, तो इसे सिर्फ आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह शरीर की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी माना जाता है कि सामान्य और असामान्य जम्हाई में क्या अंतर होता है। इस विषय को समझने के लिए ह मने जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद कुमार लकेसर से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर-

बार-बार जम्हाई क्यों आती है?

जम्हाई को शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया माना जाता है। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता या मस्तिष्क को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस होती है, तब जम्हाई आने लगती है। अधिकांश मामलों में यह चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर लगातार जम्हाई आती रहती है, तो इसके पीछे कुछ चिकित्सीय कारण भी मौजूद हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शरीर किसी समस्या का संकेत देने की कोशिश करता है।

नींद की कमी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक, बार-बार जम्हाई आने का सबसे सामान्य कारण अपर्याप्त या खराब गुणवत्ता वाली नींद मानी जाती है। कई लोग रात में पर्याप्त घंटे बिस्तर पर बिताते हैं, लेकिन उनकी नींद बार-बार टूटती रहती है। ऐसी स्थिति में शरीर पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं करता और दिनभर उनींदापन बना रहता है। इसके साथ बार-बार जम्हाई भी आती रहती है।

कुछ लोगों में स्लीप एपनिया जैसी समस्या भी पाई जाती है, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है। इससे रात की नींद प्रभावित होती है और दिनभर अत्यधिक नींद तथा लगातार जम्हाई आने की शिकायत बनी रहती है।

जम्हाई आने का कारण हो सकता है स्ट्रेस और मेंटल हेल्थ

स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, लगातार तनाव, चिंता या मानसिक थकान भी जम्हाई की संख्या बढ़ा सकती है। जब ब्रेन लगातार मानसिक दबाव में रहता है, तब शरीर की ऊर्जा और सतर्कता प्रभावित होती है। ऐसे में व्यक्ति को बिना थकान वाले काम के दौरान भी बार-बार जम्हाई आने लगती है। यदि इसके साथ उदासी, रुचि में कमी, एकाग्रता की समस्या या लगातार थकावट भी महसूस होती है, तो मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन करवाना उपयोगी माना जाता है।

कुछ दवाएं भी हो सकती हैं जिम्मेदार

कुछ दवाओं के सेवन से भी बार-बार जम्हाई आने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से ऐसी दवाएं जो मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र पर असर डालती हैं, उनमें यह दुष्प्रभाव देखा जा सकता है। एलर्जी की कुछ दवाएं, अवसाद की कुछ दवाएं या अत्यधिक नींद लाने वाली दवाएं लेने वाले लोगों में यह समस्या दिखाई दे सकती है। यदि किसी नई दवा के बाद यह लक्षण शुरू होता है, तो दवा में स्वयं बदलाव नहीं किया जाता। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जाता है।

क्या यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है?

Pubmed की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, जैसे स्ट्रोक, मिर्गी, ब्रेनस्टेम की समस्या और मल्टीपल स्क्लेरोसिस से जुड़ी हो सकती है, हालांकि यह स्थिति दुर्लभ होती है। वहीं, कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में बार-बार जम्हाई आना हार्ट, ब्रेन या नर्व्स से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।

अगर जम्हाई के साथ चक्कर आना, बोलने में कठिनाई, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बेहोशी, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच करवाई जाती है। हालांकि, सिर्फ जम्हाई आने का मतलब यह नहीं माना जाता कि कोई गंभीर बीमारी मौजूद है। पूरे लक्षणों और स्वास्थ्य इतिहास को ध्यान में रखकर ही सही कारण का पता लगाया जाता है।

लाइफस्टाइल में सुधार से मिल सकती है राहत

बार-बार जम्हाई आने की समस्या को कम करने के लिए नियमित दिनचर्या अपनाई जाती है। हर दिन पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद ली जाती है। सोने और जागने का समय लगभग एक जैसा रखा जाता है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग सीमित किया जाता है। संतुलित भोजन लिया जाता है और पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाता है। नियमित व्यायाम तथा तनाव कम करने वाली गतिविधियों को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाता है। अगर इसके बावजूद लगातार अत्यधिक जम्हाई आती रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाता।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि बार-बार जम्हाई आने के साथ दिनभर अत्यधिक नींद महसूस होती है, रात में खर्राटे आते हैं, सांस रुकने जैसी समस्या दिखाई देती है, चक्कर आते हैं, सीने में दर्द होता है या कोई न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकसित होते हैं, तो चिकित्सकीय जांच आवश्यक मानी जाती है। इसी तरह यदि यह समस्या कई सप्ताह तक लगातार बनी रहती है और दैनिक कामकाज को प्रभावित करने लगती है, तब भी विशेषज्ञ से परामर्श लिया जाता है।

Disclaimer : बार-बार जम्हाई आना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं माना जाता। अधिकांश मामलों में इसके पीछे नींद की कमी, थकान या तनाव जैसे सामान्य कारण पाए जाते हैं। फिर भी यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसे हल्के में नहीं लिया जाता। समय पर जांच और सही कारण की पहचान से कई संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का पता शुरुआती चरण में लगाया जाता है और उचित उपचार प्राप्त किया जाता है।