रात को बार-बार पेशाब आना, किस बीमारी का संकेत हो सकता है? एक्सपर्ट्स से जानिए

रात के समय बार-बार पेशाब आना जरूरी ही है कि आपकी सिर्फ आदत ही हो बल्कि यह कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसके बारे में हम इस लेख में हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानेंगे।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : April 30, 2026 2:14 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr Meera V V Ragavan

रात के समय बार-बार पेशाब करने के लिए उठना कई बार परेशान कर देता है, क्योंकि इससे हमारी नींद खराब होती है। लेकिन हम फिर भी इसको गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि हमे लगता है कि यह तो सिर्फ एक आदत है। लेकिन जरूरी नहीं है कि यह सिर्फ एक आदत ही हो क्योंकि महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों में रात को बार-बार पेशाब आना कई बार किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल के यूरो-गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की कंसल्टेंट, रोबोटिक सर्जन डॉ. मीरा वी. वी. राघवन ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिसके बारे में हर उस व्यक्ति को जरूर जानना चाहिए जो रात को बार-बार पेशाब करने के लिए उठते हैं और समझते हैं कि यह तो सिर्फ एक आदत है।

रात में बार-बार पेशाब आना किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह समस्या महिलाओं में, खासकर बढ़ती उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के बाद भी रात में बार-बार पेशाब आने की शिकायत आम होती है। गर्भ के शुरुआती महीनों और आखिरी कुछ हफ्तों में बच्चे का दबाव ब्लैडर पर पड़ने लगता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है।

Dr Meera V V Raghavan, Consultant Uro-gynaecologist and Robotic Surgeon, Apollo Hospitals Chennai

बच्चों में बार-बार पेशाब आना

अगर आपको भी जानना चाहते हैं कि रात को बार-बार पेशाब आना किस बीमारी का संकेत है, तो हम सबसे पहले बच्चों से शुरूआत करते हैं। बच्चों में यह समस्या कभी-कभी पेट में कीड़े होने या डायबिटीज की शुरुआत का संकेत भी हो सकती है, खासकर अगर बच्चा मोटापे का शिकार हो। इसलिए ऐसे मामलों में ब्लड शुगर की जांच करवाना जरूरी है। अगर छोटी बच्चियों में यह समस्या दिखाई दे, तो दो बातों पर ध्यान देना जरूरी है पहला, कोई मानसिक या सामाजिक तनाव और दूसरा, पेट में कीड़ों की समस्या।

स्कूल में बुलिंग, किसी भी तरह का डर या मानसिक तनाव बच्चों में ब्लैडर को सही तरीके से खाली न कर पाने की वजह बन सकता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। कुछ बच्चों में रीढ़ की हड्डी या नसों से जुड़ी दिक्कतों के कारण भी बिस्तर गीला करना या रात में बार-बार पेशाब आना देखा जाता है।

महिलाओं में बार-बार पेशाब आना

कुछ महिलाओं में “ब्लैडर पेन सिंड्रोम” नाम की समस्या भी होती है, जिसमें दर्द, बार-बार पेशाब आना और तुरंत पेशाब की जरूरत महसूस होना मुख्य लक्षण हैं। ऐसी महिलाएं रात में कई बार उठती हैं क्योंकि ब्लैडर भरने पर दर्द बढ़ जाता है। इससे उनकी नींद और जीवन की गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं। चाय, कॉफी, चॉकलेट, वाइन जैसी चीजें इस समस्या को बढ़ा सकती हैं, इसलिए इन्हें कम करना जरूरी है। इसके अलावा बिना जरूरत के एंटीबायोटिक लेने के नुकसान के रूप में भी यह समस्या हो सकती है।

मध्य आयु और मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं में “ओवरएक्टिव ब्लैडर” की समस्या हो जाती है। इसमें ब्लैडर आधा भरने पर ही दिमाग को संकेत भेजने लगता है, जिससे अचानक पेशाब की इच्छा, बार-बार पेशाब आना और कभी-कभी पेशाब लीक होने जैसी दिक्कतें होती हैं।

पुरुषों में बार-बार पेशाब आना

पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ प्रोस्टेट बढ़ने के कारण भी रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। हालांकि, प्रोस्टेट बढ़ने के कारण कई बार गंभीर भी हो सकते हैं इसलिए समय पर यूरोलॉजिस्ट से जांच करवाना जरूरी है ताकि प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को नजरअंदाज न किया जाए। इसलिए अगर किसी पुरुष को रात में बार-बार पेशाब आ रहा है, तो जांच कराना बेहद जरूरी है क्योंकि यह प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण भी हो सकता है।

बुजुर्गों में बार-बार पेशाब आना

बुजुर्गों में रात में ज्यादा पेशाब बनने की वजह हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, मेटाबॉलिक समस्याएं या स्लीप एपनिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा खर्राटे आते हैं, तो यह सिर्फ सामान्य आदत नहीं बल्कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है। इससे दिमाग का ब्लैडर पर कंट्रोल प्रभावित होता है और रात में बार-बार पेशाब या बिस्तर गीला करने जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे मरीजों को स्लीप स्टडी और जरूरत पड़ने पर CPAP मशीन की मदद से काफी फायदा मिल सकता है। इससे स्ट्रोक और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम किया जा सकता है।

कैसे करें इस समस्या से बचाव

इस समस्या से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे -

  • वजन नियंत्रित रखें
  • नियमित व्यायाम करें
  • चाय-कॉफी का सेवन कम करें
  • बीयर व शराब का सेवन बंद करें
  • पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करें
  • हर 3-4 घंटे में ब्लैडर खाली करने की आदत डालें

कुल मिलाकर, रात में बार-बार पेशाब आना अलग-अलग उम्र में अलग कारणों से हो सकता है। सही कारण की पहचान और समय पर इलाज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल रात को बार-बार पेशाब आने की समस्या या किसी और बीमारी के इलाज के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.