बार-बार ब्लोटिंग होना किस आंत की बीमारी का संकेत हो सकता है, जिन्हें लोग अक्सर कर देते हैं इग्नोर

आजकल खानपान लोगों का कुछ ऐसा ही हो गया है कि पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कि ब्लोटिंग आदि की समस्या होने लगती है। लेकिन अगर ब्लोटिंग बार-बार हो ही है तो यह स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 17, 2026 7:29 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Ranjana Singh

नई टेक्नोलॉजी और इंटरनेट की जानकारियों ने हमें एडवांस तो बना दिया है और हमारे जीवन को भी काफी आरामदायक बना दिया है, लेकिन ऐसे में स्वास्थ्य शायद कहीं पीछे छूट गया है। आजकल लोग घर का हेल्दी खाना खाने की बजाय मिनटों में घर पर डिलीवरी होने वाला चटपटा फूड ऑर्डर कर लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह ज्यादा मसालेदार, चटपटा होता है और ज्यादा आरामदायक लगता है। लेकिन सच बात यह है कि इसका हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता जा रहा है और लोगों को लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां होने लगी हैं। यही कारण है कि आजकल खराब खानपान के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कि ब्लोटिंग आदि रहना आम बात हो गई है और लोगों ने इसे गंभीरता से लेना ही बंद कर दिया है। जबकि कई बार ये ब्लोटिंग जैसी समस्याएं आंत से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है, जिसके बारे में डॉ रंजना सिंह, हेड ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट, NIIMS मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ने कई जरूरी जानकारियां दी हैं।

बार-बार ब्लोटिंग हो रही है तो इग्नोर न करें

बार-बार ब्लोटिंग होना यानी रिकरिंग ब्लोटिंग कई बार किसी न किसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है, जैसे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, गैस बनना और पेट में दर्द रहने जैसी परेशानियां होने लगती है। कई बार ऐसा लगता है कि पेट पूरी तरीके से साफ नहीं हुआ है। इससे बचाव करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे -

  • घर का हेल्दी खाना खाएं
  • समय पर ही खाना खाएं
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
  • तनाव को कम करें

सीलिएक रोग के कारण पेट फूलना

गेहूं में मौजूद ग्लूटेन से होने वाली एलर्जी जिसे सीलिएक डिजीज (Celiac Disease) के नाम से जाना जाता है और इस बीमारी के कारण भी पेट फूलना, वजन घटना, कमजोरी महसूस होना या एनीमिया जैसी बीमारी हो जाती है। इस बीमारी से बचने के लिए ग्लूटेन फ्री खाना खाना बहुत जरूरी है और राई और गेहूं से खाने से बचना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर परहेज न करें तो स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है।

आंत के बैक्टीरिया

आज फूलने के पीछे कई बार इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया का भी कारण हो सकता है। जब स्मॉल इंटेस्टाइन में ज्यादा बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं उसे गैस, डकार, पेट फूलना या पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए हल्का खाना खाना जरूरी है। सही मेडिकल ट्रीटमेंट और स्माल मिल के साथ इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए बार-बार ब्लोटिंग होना, गैस बनना या पेट फूलना आंत से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जो कि पेट व आंतों से जुड़ी बीमारी है, उसमें निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं जैसे -

  • मल में खून आना
  • पेट दर्द रहना
  • बार-बार दस्त लगना
  • बुखार होना

इस बीमारी से बचने के लिए समय-समय पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए और संतुलित आहार लेना चाहिए। लेक्टोज इनटोलरेंस भी एक ऐसी ही समस्या है, जिसमें व्यक्ति दूध व दूध के अन्य प्रोडक्ट्स को पचा नहीं पाता है। ऐसे में अगर वह दूध का सेवन करता है तो उसे -

  • ज्यादा गैस बनना
  • पेट में गंभीर दर्द
  • बार-बार दस्त लगना
  • ब्लोटिंग यानी पेट फूला रहना

ऐसे में मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे लैक्टोज फ्री खाना खाएं, ऐसे प्रोडक्ट्स का ही सेवन करें जिनमें लैक्टोज न हो। इसके अलावा अगर लंबे समय से कब्ज है तो उसके कारण भी पेट फूलना, गैस, और हार्ड स्टूल की प्रॉब्लम की समस्या हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए फाइबर फ्री खाना, समय से पानी पीना और एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है

डॉक्टर से संपर्क करें

अगर आपको लंबे समय से यह समस्या हो रही है या फिर पेट फूलने के साथ मल में में खून आना, खाना खाते ही पेट दर्द, वजन घटना बुखार और एनीमिया जैसी समस्याएं देखने को मिल रहे हैं तो तुरंत देर के बिना डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। अगर यह सिम्पटम्स 50 साल की उम्र के बाद शुरू हो रहे हैं तो जांच करना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल आंतों के स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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