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फिट इंडिया आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए गुड़गांव में मुफ्त फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित।
''विश्व फिजियोथेरेपी दिवस'' (World Physiotherapy Day 2019) के उपलक्ष में ‘फिट इंडिया आंदोलन’ (Fit india movement) में योगदान के लिए केआरवी फाउंडेशन ने फिजियोथेरेपी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए गुड़गांव में एक मुफ्त फिजिकल थेरेपी शिविर का आयोजन (Free physical therapy camp) किया। इस शिविर (Free physical therapy camp) में लगभग 500 स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। यह शिविर आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के सहयोग से आयोजित किया गया था। व्यक्तिगत भलाई और राष्ट्र निर्माण में फिजियोथेरेपी की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिससे लोगों को स्वास्थ्य और स्वस्थ रूटीन को लेकर प्रोत्साहित किया गया।
केआरवी हेल्थकेयर और फिजियोथेरेपी प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक और फिजियोथेरेपिस्ट, डॉ. रिदवाना सनम ने बताया कि फिजिकल थेरेपी एक परंपरागत इलाज है, जो मेडिकल साइंस का एक अहम हिस्सा है। ग्रेड 1, 2 और 3 में बिना किसी साइड इफेक्ट के फिजिकल थेरेपी, सर्जरी की जरूरत को खत्म कर देती है, लेकिन जागरूकता में कमी के कारण आम जनता के बीच इसे सिर्फ एक व्यायाम के रूप में जाना जाता है। उम्र चाहे जो हो, शारीरिक समस्या के आधार पर फिजियोथेरेपी सभी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह तो सभी को मालूम है कि सर्जरी के बाद और स्ट्रोक के इलाज के बाद रिकवरी के दौरान फिजियोथेरेपी एक अहम भूमिका निभाती है, लेकिन इसके अन्य लाभों से लोग अभी भी अनजान हैं।
World Physiotherapy Day : इन रोगों के इलाज के लिए कारगर है फिजियोथेरेपी
भारत में बहुत ही कम लोग फिजियोथेरेपी और इसके फायदों के बारे में जानते हैं। इसको लेकर यही धारणा बनी हुई है कि यह सिर्फ क्रोनिक दर्द और सजर्री वाले मरीजों के लिए अनिवार्य है, लेकिन लोगों को यह जानने की आवश्यकता है कि यह निवारक और रिहैब ट्रीटमेंट में भी अहम भूमिका निभाती है।
डॉ. सनम ने आगे बताया कि पेशेवरों की बात की जाए तो कर्मचारियों में दर्द या समस्या के प्रकार को पहचानने में एर्गोनॉमिक्स (काम के वातावरण में कर्मचारियों की सहजता को समझना) एक अहम भूमिका निभाती है। गुड़गांव और हरियाणा के कई क्षेत्रों में बहुत अधिक औद्योगिकीकरण के साथ आईटी, बैंकिंग और टेलीमार्केटिंग आदि में लंबे और अनियमित काम के घंटों के कारण लोगों की जीवनशैली खराब और गतिहीन हो गई है। इस प्रकार की आबादी में पीठ दर्द, माइग्रेन, कमजोर मांसपेशियों और जोड़ों की समस्या निरंतर बढ़ रही है।
World Physiotherapy Day : क्या है फिजियोथेरेपी डे, थीम और किन बातों का रखें ख्याल
उन्होंने कहा कि पोस्चर से संबंधित दर्द और समस्याओं को कम करने की जरूरत और सही पोस्चर एवं कार्यस्थल एर्गोनॉमिक्स के बारे में लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हमनें विभिन्न कंपनियों में फिजियोथेरेपी के सेशन भी संचालित किए हैं और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिए गए हैं।
उम्र सहित कई अन्य कारणों से होने वाली गठिया की समस्या जैसे ऑस्टियोअर्थराइटिस, रूमेटाइड अर्थराइटिस, यूनीकम्पार्टमेंटल अर्थराइटिस ने भारत के हजारों लोगों का जीवन खराब कर दिया है। ज्वॉइंट रजिस्ट्री (आईएसएचकेएस) के हालिया आकड़ों के अनुसार, भारत में 15 करोड़ से भी ज्यादा लोग जोड़ों की किसी न किसी समस्या से पीड़ित हैं। पिछले साल लगभग 35 हजार लोगों ने ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाई। इसमें 95% मामले ऑस्टियोअर्थराइटिस (40-70 वर्ष की आयु वर्ग में) के थे।
World Physiotherapy Day के मौके पर अपोलो ने शारीरिक-मानसिक सेहत के महत्व पर दिया जोर