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Frank’s sign: आपके कान पर दिखता है हार्ट अटैक का या शुरुआती लक्षण, ऐसे बच सकती है जान

Frank's sign young person: कान की लोब में बनने वाली क्रीज को कार्डियो वैस्कुलर डिजीज से जोड़ा जाता है। इस पर कुछ अध्ययन भी किए गए और पाया गया कि जिन्हें फ्रैंक साइन है उनमें दिल संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

Frank’s sign: आपके कान पर दिखता है हार्ट अटैक का या शुरुआती लक्षण, ऐसे बच सकती है जान

Written by Mukesh Sharma |Published : August 3, 2022 2:21 PM IST

हार्ट अटैक एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनकर कोई भी डर सकता है। वैसे तो कोई भी बीमारी अच्छी नहीं होती है, लेकिन दिल की बीमारियों को जानलेवा बीमारियों की लिस्ट में रखा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 में दुनियाभर में लगभग 17.9 मिलियन की मौत हृदय संबंधी बीमारियों के कारण हुई थी। इनमें से लगभग 85 प्रतिशत मौतों का कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक पाया गया था। वहीं 2019 में हुई कुल मौतों में 32 प्रतिशत मौत कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (CVD) के कारण हुई थी। हालांकि, दिल की कुछ बीमारियां जानलेवा जरूर हैं, लेकिन उनके होने से पहले शरीर में कुछ लक्षण मिलते हैं जिनकी पहचान कर लेनी चाहिए। इस लेख में हम आपको कान से जुड़े ऐसे लक्षण के बारे में बताने वाले हैं, जिसकी मदद से आप हार्ट संबंधी समस्याओं का पता भी लगा सकते हैं।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने दिया सुझाव

एएचए ने सुझाव दिया कि पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग- अलग हो सकते हैं। पुरुषों में हार्ट अटैक का लक्षण आमतौर पर बेचैनी व सीने में दर्द होते हैं। वहीं महिलाओं को हार्ट अटैक से कुछ अन्य लक्षण भी दिख सकते हैं जैसे सांस फूलना, एक या दोनों बांहों में दर्द और ज्यादा पसीना आना आदि। हालांकि, हर व्यक्ति के अनुसार उसे दिल का दौरान पड़ने के दौरान व उससे पहले होने वाले लक्षण व संकेत अलग-अलग हो सकते हैं।

कुछ लक्षण कान पर आ सकते हैं नजर

कुछ लोगों को हार्ट अटैक से जुड़ा लक्षण कान में भी महसूस हो सकता है, जिसे फ्रैंक साइन (Frank’s sign) कहा जाता है। यह कान के नीचे के भाग में बनने वाली एक क्रीज होती है, जिसे पैथोलॉजी में हृदय से जोड़ा गया है। हालांकि, फ्रैंक साइन कितना विश्वसनीय है, इस बारे मे पुष्टी तो नहीं की जा सकती है। लेकिन कुछ स्टडीज में पाया गया कि फ्रैंक साइन वाले लोगों में कार्डियो वैस्कुलर रोगों के मामले बढ़ जाते हैं।

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अगर फ्रैंक साइन है तो क्या करें

अगर किसी व्यक्ति की उम्र 60 साल से कम है और उसके परिवार का कोई सदस्य हृदय का मरीज है या फिर पहले किसी को दिल संबंधी कोई बीमारी हो चुकी है, तो ऐसे में डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। वैसे तो फ्रैंक साइन कई अन्य व सामान्य कारणों से भी हो सकता है, लेकिन फिर भी आपको इसकी पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

दिल के रोगों से कैसे बचें

दिल की बीमारियों से बचने का एक ही तरीका है और वह है दिल को स्वस्थ रखना। अगर आपका दिल सामान्य रूप से काम कर पा रहा है और उसके कार्य में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है, तो किसी भी प्रकार की समस्याएं होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। चलिए जानते हैं हृदय को स्वस्थ कैसे रखें -

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  1. अच्छा व संतुलित आहार खाएं और आपके दिल के लिए कौन सी डाइट सही है इस बारे में किसी अच्छे डाईटीशियन से बात करें
  2. शरीर को एक्टिव रखें और सुबह जॉगिंग या ताजी हवा में सैर करें और दिन में भी शरीर को बीच-बीच में थोड़ा एक्टिव रखें
  3. धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के संपर्क में न आएं और यदि आप खुद धूम्रपान करते हैं, तो आज ही छोड़ दें
  4. शराब पीने वाले व्यक्ति भी धीरे-धीरे करके शराब का सेवन छोड़ दें और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से मदद लें
  5. ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर आदि को कंट्रोल में रखें और समय-समय पर इनकी जांच कराते रहें
  6. मानसिक व शारीरिक तनाव से दूर रहें और जीवनशैली की अच्छी आदतों का पालन करें