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कोरोना की दूसरी लहर के बाद लॉन्ग कोविड के मामलों में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज, दिख रहे हैं मध्यम से गंभीर लक्षण और जटिलताएं

कोरोना की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में अधिक संख्या में मरीजों में पोस्ट कोविड जटिलताएं नजर आई हैं। लंग फाइब्रोसिस, सांस फूलना और ऑक्सीजन लेवल का कम होना जैसी जटिलताएं आमतौर पर देखी गई हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं कुछ ऐसे ही लॉन्ग कोविड से जुड़ी जटिलताएं और लक्षणों के बारे में यहां...

Symptoms of Long Covid in Hindi: देश में कोरोना की पहली लहर की तुलना में कोविड-19 की दूसरी लहर (Covid-19 second wave) कहीं अधिक गंभीर थी। इस नए वेरिएंट के लक्षण भी कोरोना संक्रमितों (New Corona variant symptoms) में काफी अलग नजर आए। लोगों में तेज बुखार, डायरिया, फेफड़ों में इन्फेक्शन (Lungs infection) जैसे लक्षण देखने को मिले। इसके बाद कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों में लॉन्ग कोविड सिन्ड्रोम (long covid syndrome) तथा कोविड के बाद की जटिलताएं (complications of post covid in hindi) जैसे ऑक्सीजन लेवल कम होना, लंग फाइब्रोसिस भी देखने को मिला। यहां तक कि इस तरह के लक्षण मरीज के पॉजिटिव पाए जाने के 8 सप्ताह बाद भी दिखाई दिए। लॉन्ग कोविड (What is Long Covid in Hindi) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी मरीज में लम्बे समय तक लक्षण बने रहते हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में चार गुना बढ़ी हैं लॉन्ग कोविड की जटिलताएं

पिछले साल की तुलना में कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद लॉन्ग कोविड और कोविड के बाद की जटिलताओंके मामलों में चार गुना बढ़ोतरी (Fourfold Upsurge in Long Covid Cases) हुई है। पॉजिटिव पाए जाने के 20-30 दिनों के बाद भी बड़ी संख्या में मरीजों को लॉन्ग कोविड सिन्ड्रोम/पोस्ट कोविड जटिलताओं के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। शुरुआती रिकवरी के चार सप्ताह बाद भी मरीजों में कोविड के लक्षण (Corona symptoms) नजर आ रहे थे।

पोस्ट कोविड जटिलताएं और लक्षण

पोस्ट कोविड जटिलताओं (Post covid complications) की बात करें, तो अधिकतर मरीजों में सांस फूलना, कमजोरी, बहुत अधिक थकान, बार-बार सिरदर्द (इन्फेक्शन के समय बुखार जाने के बाद), लंग फाइब्रोसिस, पल्स रेट बढ़ना, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं जैसे लक्षण पाए गए। कुछ मरीजों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, बाल गिरना तथा महिलाओं में मासिक चक्र में गड़बड़ी जैसे लक्षण भी देखे गए। कोविड के बाद इम्यूनिटी कम होने के कारण गंभीर कोविड मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस और सेकंडरी इन्फेक्शन के मामले भी बहुत अधिक संख्या में दर्ज किए गए। इन मरीजों को ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है।

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पॉजिटिव पाए जाने के 8 सप्ताह बाद भी गंभीर जटिलताएं आ रही हैं नजर

इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के लीड लंग ट्रांसप्लान्ट एवं कोविड टीम, सीनियर कन्सलटेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. एम एस कंवर का कहना है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद ऐसे मरीजों की संख्या बहुत अधिक बढ़ी है, जिनमें पॉजिटिव पाए जाने के 8 सप्ताह बाद भी मध्यम एवं गंभीर जटिलताएं हो रही हैं। इसके मुख्य कारण हैं साइटोकायन रिएक्शन या शरीर में होने वाला किसी तरह का इम्यून डिसरेगुलेशन, जिसे शरीर हैंडल नहीं कर पाता है। ये आंकड़े पिछले साल की पहली लहर की तुलना में अधिक हैं। इसके अलावा, दूसरी लहर में मृत्यु दर अधिक होना भी चिंता का एक और विषय है। किसी भी वायरस का व्यवहार इसके म्यूटेंट/वेरिएंट की प्रोटीन संरचना पर निर्भर करता है। प्रोटीन संरचना ही यह तय करती है कि वायरस जांच/निदान, उपचार या टीकाकरण के लिए किस तरह की प्रतिक्रिया देगा।

पोस्ट कोविड लक्षण में दिखा सबसे अधिक कमजोरी

आरटी-पीसीआर नेगेटिव आने के बाद सबसे आमतौर पर जो पोस्ट कोविड लक्षण (Post covid symptoms in hindi) दिख रहा है, वह है कमजोरी। कमजोरी के कारण ही मरीज थकान महसूस करते हैं और नेगेटिव होने के बाद पांच से छह महीने तक भी अपने आप को सामान्य महसूस नहीं कर पाते, इसलिए कोविड इन्फेक्शन के बाद अपने स्वास्थ्य पर निगरानी रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में सलाह दी जाती है कि निवारक स्वास्थ्य जांच करवाएं, सेहतमंद आहार लें, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल जांचते रहें। सांस के व्यायाम करें, अनावश्यक दवाएं न लें और अपने डॉक्टर के साथ संपर्क में रहें।

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