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Written By: Anshumala | Updated : August 17, 2020 9:36 AM IST
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्थिति में बदलाव नहीं, अब भी वेंटिलेटर पर, जानिए मस्तिष्क में ब्लड क्लॉटिंग कैसे हो सकता घातक।
Blood clotting in brain: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (former president pranab mukherjee) की मेडिकल कंडीशन में अब भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल ने एक बयान में यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया, "प्रणब मुखर्जी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उनके महत्वपूर्ण और क्लीनिकल पैरामीटर्स स्थिर हैं, लेकिन वे अब भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उहें कुछ पुरानी अन्य बीमारियां भी हैं। विशेषज्ञों की टीम बारीकी से उनकी स्थिति पर नजर रख रही है।"
84 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति (pranab mukherjee) की सोमवार को मस्तिष्क में खून का थक्का जमने (Blood clotting in brain in hindi) के बाद एक जीवन रक्षक आपातकालीन सर्जरी (Brain surgery) की गई थी। इसके बाद उनका स्वास्थ्य खराब हो गया। इतना ही नहीं प्रणब मुखर्जी को कोरोनावायरस (Coronavirus) भी हुआ है। उनका कोविड-19 परीक्षण (Covid-19 test) भी पॉजिटिव आया था। अस्पताल के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
10 अगस्त को मुखर्जी ने ट्वीट किया था, "एक अलग प्रोसीजर के लिए अस्पताल आया हूं और मेरा कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव (Pranab Mukherjee Covid-19) निकला है। पिछले हफ्ते मेरे संपर्क में आए लोगों से मैं अनुरोध करता हूं कि वे खुद को आइसोलेट करें और अपना कोविड-19 परीक्षण कराएं।"
मस्तिष्क में रक्त का थक्का बनने को (Blood clot in brain) एक स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है। आपके मस्तिष्क में रक्त का थक्का अचानक और गंभीर सिरदर्द का कारण बन सकता है। साथ ही ऐसा होने पर कुछ अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं जैसे बोलने या देखने में अचानक कठिनाई होने लगना।
मस्तिष्क में ब्लड क्लॉट होने से शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस हो सकती है।
लगातार सिरदर्द होना।
चेहरे पर सूजन नजर आना।
एक हाथ और पैर में सुन्नता और झुनझुनी का कारण बनता है।
देखने की क्षमता प्रभावित होना, ब्लर्ड विजन (blurred or double vision)।
चीजों को समझने में समस्या महसूस करना।
बोलने में परेशानी होना।
एनेस्थीसिया के कारण एलर्जी होना
मस्तिष्क में रक्तस्राव
ब्लड क्लॉट (Blood clotting in brain)
मस्तिष्क में सूजन।
कोमा में जाना
बोलने, दृष्टि, कोऑर्डिनेशन या संतुलन बनाने में परेशानी
ब्रेन या घाव वाली जगह पर इंफेक्शन होना
याददाश्त की समस्या