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Written By: Yogita Yadav | Published : August 21, 2019 12:02 PM IST
ब्रेन फॉग ऐसी स्थिति है जिसमें आप छोटी-छोटी चीजें भूलने लगते हैं और कई बार सही फैसला ले पाने में दिक्क त आती है। इसकी वजह आयरन की कमी भी हो सकती है। © Shutterstock
क्या आप भी लैपटॉप ऑन करके देर तक यह सोचती रहती हैं कि आखिर करना क्या था ? या लॉक करने के बाद भी यह चैक करने दोबारा सीढि़यां चढ़ती हैं कि लॉक किया या नहीं, तो आपको अपनी सेहत के प्रति अलर्ट हो जाना चाहिए। ये सभी ब्रेन फॉग (Brain fog) के लक्षण हैं। जो बताते हैं कि आपमें आयरन की कमी (Brain fog) है। इसे मेडिकल भाषा में एनीमिया भी कहा जाता है। इसमें अगर लापरवाही की जाए तो कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
ब्रेन फ्रॉग (Brain fog) असल में बीमारी नहीं, बीमारी से पहले की एक स्थिति है। जो आपको अलर्ट होने का संकेत देती है। इसमें सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। आप हमेशा कन्फ्यूज और डिसऑर्ग्नाइज्ड फील करते हैं। सोचने और बोलने में अंतर आने लगता है। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम को अफेक्ट करके ब्रेन को अफेक्ट कर सकता है। अमूमन ये विटामिन B12 की कमी के कारण होता है। पर शरीर में आयरन की कमी यानी हीमोग्लोबिन कम होने पर भी ऐसी स्थिति (Brain fog) का सामना करना पड़ सकता है।
आयरन की कमी यानी एनीमिया ज्यादातर महिलाओं में देखा जाता है। यह पीरियड्स से लेकर मीनोपॉज तक किसी भी समय हो सकता है। हमारे देश में ज्यादातर गर्भवती महिलाएं एनीमिया की शिकार होती हैं। आयरन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता। हीमोग्लोबिन की ये लाल रक्त कोशिकाएं अपने साथ प्रोटीन लिए रहती हैं। जो आपके फेफड़ों से ऑक्सीजन को आपके शरीर के ऊतकों तक पहुंचाता है। इसमें कमी होने पर आप ब्रेन फॉग, थकान, तनाव, सिरदर्द, बाल झड़ना जैसी समस्याओं (Brain fog) की शिकार हो सकती हैं।
इसके लिए आपको अपनी डाइट पर ध्यान देना होगा। आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर गर्भवती महिलाएं आयरन की कमी की शिकार होती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि जब उन्हें दोगुने पोषण की जरूरत होती है, तब वे सामान्य पोषण भी नहीं ग्रहण कर पातीं। किशोरावस्था से लेकर पोस्ट मीनोपॉज तक महिलाओं को अपनी डाइट कुछ खास फूड जरूर शामिल करने चाहिए। इनमें हरी सब्जियां, पालक, लाल रंग के फल, सूखे मेवे आदि शामिल हैं। गर्भावस्था में आयरन और फोलिए एसिड की टेबलेट लेना भी फायदेमंद होता है।
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