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Written By: Atul Modi | Published : November 28, 2020 6:09 PM IST
इन 5 गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत हैं पैरों में सूजन, लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच, जानिए बचाव
कई बार कुछ लोग अपने पैरों में सूजन महसूस करते हैं। जो या तो किसी चोट लगने की वजह से हो जाती है या उसकी कोई गंभीर वजह भी हो सकती है। लेकिन वे इस सूजन को बहुत हल्के में लेते हैं और ध्यान नहीं करते।
हालांकि घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव से सूजन को कम किया जा सकता है। फिर भी यदि सूजन दूर नहीं होती है या बार-बार होती है, तो इसका कारण जानने के लिए डॉक्टर सलाह लेना जरूरी है।
अगर सांस की तकलीफ के साथ-साथ पैरों में सूजन हो या छाती में दर्द हो या छाती में दबाव हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये कुछ गम्भीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। इन में से कुछ निम्न इस प्रकार हैं।
कई बार आप का लिवर एल्बुमिन नाम का प्रोटीन बनाना बंद कर देता है। यह वह प्रोटीन होता है जो आप की रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) से ब्लड को लीक होने से बचाता है। यदि आप के शरीर में इस प्रोटीन कि कमी होती है, तो इसका मतलब है कि अब आप की ब्लड वेसल्स से ब्लड लीक हो सकता है। इसके कारण आप के पैरों में (तरल पदार्थ) फ्लूइड इकठ्ठा हो जाता है और पैरों में सूजन आ जाती है। इसके कारण आप को पीलिया, चोट लगना, भूख न लगना, यूरिन के रंग में बदलाव व शरीर में ऊर्जा की कमी आदि होने जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
बचाव : इस प्रकार की बीमारी को ठीक कराने के लिए आप को सबसे पहले डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर आप को वजन कम करने व शराब का सेवन कम करने जैसे लाइफस्टाइल मे कुछ बदलाव करने को भी बोल सकते हैं।
जिन लोगों की किडनी ढंग से काम नहीं करती हैं उनकी उपरी बॉडी में फ्लूइड (तरल पदार्थ)इकठ्ठा हो जाता है। किडनी की बीमारियां ज्यादा लक्षण नहीं दिखती हैं। खास कर जब तक जब आप की किडनी बहुत गंभीर हालत में नहीं आ जाती है और इस स्थित में किडनी डैमेज भी हो सकती है। इसके लक्षणों मे सांस फूलना, बहुत कम बार यूरिन के लिए जाना, थक जाना व कोमा में जाना आदि शामिल हैं।
बचाव : किडनी बीमारियों को ठीक करने के लिए आप दवाइयां, लो प्रोटीन डाइट, विटामिन डी व कैल्शियम के सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। किडनी फेल होने पर डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट एक उपाय है।
कई बार आप के पैर इसलिए भी सूज जाते हैं क्योंकि आप के हृदय में किसी प्रकार की कोई क्षति हो जाती है, तो वह अच्छे से ब्लड को पंप नहीं कर पाता है। यदि आप का हृदय ब्लड पंप नहीं करता है तो वह पानी व नमक रिटेंशन करने लगता है। जिस कारण आप के पैरों में सूजन हो जाती है। इस के लक्षणों में धड़कन तेज होना, सांसे फूलना, कमजोरी होना, थकान, छिकना, भूख न लगना आदि शामिल हैं।
बचाव : यदि आप को इस प्रकार के लक्षण महसूस होते हैं तो आप को तुरन्त डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। यदि आप का हृदय काम करना बंद कर देता है तो आप को हृदय ट्रांसप्लांट सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
हमारे शरीर का लिम्फेटिक सिस्टम , टॉक्सिंस व बैक्टेरिया आदि को हमारे शरीर से बाहर निकालता है। यदि यह अपना काम करना बंद करदे, तो आप के शरीर में इन चीजों का जमाव हो जाता है। इस वजह से वहां इंफेक्शन या सूजन होने लगती है। इसके लक्षणों मे दर्द होना, इंफेक्शन, स्किन टाइट होना आदि हैं।
बचाव : इस के उपचार के लिए आप लिम्फेडेमा के लिए बनी कुछ स्पेशल एक्सरसाइज कर सकते हैं।जिस किसी का भी कैंसर का इलाज हुआ हो और सूजन का अनुभव हो, उसे तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
यह समस्या तब आती है जब आप के शरीर में खून का बहाव साधारण रूप से नहीं होता है। ऐसा वॉल्व्स़ (रक्त शिराओं की दीवारें) के डैमेज होने के कारण होता है और ब्लड वेसल्स से लीक होने लगता है। इसके लक्षणों मे पैरो में दर्द होना, स्किन अल्सर, इंफेक्शन आदि हैं।
बचाव : यदि आप को यह लक्षण महसूस होते हैं तो तुरन्त अपने डॉक्टर से चैक कराएं और अपनी लाइफस्टाइल मे भी कुछ बदलाव करें जैसे एक्सरसाइज करना आदि।