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फूड पॉइजनिंग और बैक्टेरियल इंफेक्शन से आंत की लंबी बीमारी हो सकती है
फूड पॉइजनिंग की परेशानी हर उस इंसान को हो सकती है, जो खराब खाने को खाते हैं. भारत जैसे देश में फूड पॉइजनिंग की बीमारी ज्यादातर सड़क के किनारे लगने वाले फूड कार्नर और बाजार में मिलने वाले प्रोसेस्ड फूड की वजह से होती है. कुछ लोगों में फूड पॉइजनिंग बासी खाना खाने की वजह से हो जाती है. अगर बार-बार फूड पॉइजनिंग होती है तो आंत में सूजन का खतरा बढ़ जाता है. जब आंत में सूजन बढ़ जाता है तो इस बीमारी को कोलाइटिस कहते हैं.
बार-बार फूड पॉइजनिंग का मतलब है कि आपको बार-बार बैक्टेरियल इंफेक्शन हो रहा है. आंतों में बार-बार बैक्टेरियल इंफेक्शन होने से खतरनाक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है. जो लोग बार-बार फूड पॉइजनिंग का शिकार होते हैं उनमें Inflammatory bowel disease (IBD) का खतरा बढ़ जाता है. Inflammatory bowel disease को हिंदी में प्रदाहक आन्त्र रोग कहते हैं.
स्टैनफोर्ड बर्नहैम इंस्टीट्यूट में हुए एक शोध के अनुसार आईबीडी का खतरा कुछ लोगों में जीन्स की वजह से भी ज्यादा होता है. जीन्स की वजह को आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपके परिवार में किसी को Inflammatory bowel disease या फूड पॉइजनिंग की बीमारी होती है, तो इसका खतरा आपको भी है.
परिवार में किसी को भी बैक्टेरियल इंफेक्शन की वजह से आईबीडी, कोलाइटिस होता है, तो आने वाली पीढ़ी में भी इसका खतरा बहुत ज्यादा होता है.
फूड पॉइजनिंग और बैक्टेरियल इंफेक्शन (IBD Treatment) से बचने के लिए खान-पान में विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. घर पर भी ताजा बना हुआ खाना ही खाना चाहिए. बासी खाने से बचना चाहिए.
बाहर के खाने से बचना चाहिए. कोशिश करें कि सड़क के किनारे मिलने वाले फूड का सेवन न करें. बरसात के बाद के मौसम में आंत की पाचन शक्ति थोड़ी धीमी होती है. इस मौसम में फूड पॉइजनिंग का खतरा सबसे ज्यादा होता है.