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Medically Verified By: Dr. Nikita Trehan
प्लास्टिक कंटेनर में विभिन्न प्रकार के केमिकल्स होते हैं, जो हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं।
पीरियड्स के 2 दिन पहले से मोबाइल खोल लेती हूं। ऑनलाइन बिरयानी, पिज्जा चाउमिन... मन करता है बस यही खाऊं, मन करता है तो खा भी लेती हूं। पर दर्द भी उतना ही भयंकर होता है। पहले इतना नहीं होता था। अगर ये बात आपको भी अपनी जैसी लग रही है, तो ये आर्टिकल आपके लिए है। हम अक्सर सोचते हैं पीरियड्स का दर्द हार्मोन की वजह से होता है। लेकिन दिल्ली की जानी-मानी गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. निकिता त्रेहन कहती हैं कि आपकी थाली और खासकर ऑनलाइन ऑर्डर वाला खाना पीरियड्स के दर्द को 2 गुना तक बढ़ा सकता है। हमारे साथ खास बातचीत के दौरान डॉ. निकिता त्रेहन ने बताया कि आखिरकार कैसे ऑनलाइन खाना महिलाओं के पीरियड्स के दर्द को बढ़ा रहा है।
गायनेकोलॉजिस्ट बताती हैं कि पीरियड्स से 5-7 दिन पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन गिरते हैं। इसी वजह से दिमाग में खुशी वाला केमिकल सेरोटोनिन कम हो जाता है। और दिमाग क्या मांगता है? तुरंत सेरोटोनिन बढ़ाने वाली चीज - चीनी, तला हुआ, नमकीन, चीज वाला खाना। इस स्थिति में तुरंत मोबाइल खोलते हैं और 10 मिनट में बर्गर, मोमोज, चाइनीज नूडल्स, ठंडा कोल्ड ड्रिंक सब मंगवा लेते हैं और खा लेते हैं। प्रॉब्लम यह नहीं कि आपने बाहर का खाना खा लिया। प्रॉब्लम ये है कि पीरियड्स के समय यही खाना आपके शरीर में आग में घी का काम करता है।
पीरियड्स के दौरान दर्द होना सामान्य नहीं है।
हर ऑनलाइन मंगाया गया खाना नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन ज्यादातर लोग जो चीजें ऑर्डर करते हैं, उनमें कुछ समान बातें होती हैं
ये सभी चीजें शरीर में सूजन बढ़ाने, पानी रोकने (वॉटर रिटेंशन) और हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करने का काम कर सकती हैं। यही वजह है कि पीरियड्स के दौरान दर्द, भारीपन और कमजोरी ज्यादा महसूस होती है।
ऑनलाइन मिलने वाले फास्ट फूड में अक्सर सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है। इसका असर पेट फूलने, हाथ-पैर भारी लगने और असहज महसूस होने के रूप में दिखाई देता है। पीरियड्स के दौरान पहले से मौजूद ब्लोटिंग इस वजह से और बढ़ सकती है।
डॉ. निकिता त्रेहन के अनुसार, पीरियड्स के दौरान खानपान का सीधा असर महिलाओं की तकलीफ पर पड़ता है। उनका कहना है कि अत्यधिक प्रोसेस्ड, तला-भुना और ज्यादा नमक वाला खाना शरीर में सूजन बढ़ा सकता है, जिससे कुछ महिलाओं में पीरियड्स का दर्द और ऐंठन ज्यादा महसूस हो सकती है। उनका कहना है कि पीरियड्स के दौरान संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर आहार लेना चाहिए। साथ ही कैफीन, और जंक फूड का सेवन सीमित रखना बेहतर होता है।
अगर हर महीने दर्द इतना ज्यादा हो कि सामान्य काम करना मुश्किल हो जाए, दर्द निवारक दवाओं से भी राहत न मिले, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो या पीरियड्स के साथ बुखार, बेहोशी या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। अगर आपको पीरियड्स में लगातार असहनीय दर्द हो रहा है या कोई अन्य परेशानी हो रही है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें। ध्यान रहे कि पीरियड्स में होने वाला तेज दर्द एंडोमेट्रियोसिस भी हो सकता है। इसलिए इसका इलाज जरूरी है।