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बरसात के मौसम में इन तरीकों से करें मक्‍खी-मच्‍छरों के काटने का इलाज

बरसात में कीड़े-मकोड़ों का भी ब्रीडिंग सीजन होता है। वे जानबूझ कर किसी को नहीं काटते, बल्कि हाथ या पांव गलती से उन पर  पड़ जाने पर वे अपनी रक्षा में दूसरों पर हमला करते हैं। बरसाती कीड़ों का डंक अंदर रह जाए तो खुजली, जलन या सूजन हो जाती है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 16, 2019 7:07 PM IST

बारिश के मौसम में यानी मॉनसून में इंसेक्‍ट (Tips to avoid insect bite) बहुत बढ़ जाते हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि कई बार नजर भी नहीं आते। इनका पता तब चलता है जब स्क्नि पर रेशेज या लाल चकत्‍ते पड़ जाते हैं। इनके डंक में मौजूद जहर खून में प्रवेश कर प्रतिक्रिया करता है। जिससे स्‍किन पर रेशेज और लाल चकत्‍ते पड़ जाते हैं। इन छोटे खतरों की परवाह न भी करें तो कई बार इनके काटने से गंभीर बीमारियों (Tips to avoid insect bite) के होने का खतरा भी रहता है। इनमें सबसे ज्‍यादा खतरनाक होता है मच्‍छरों का काटना। इस मौसम में कई तरह के संक्रमण मच्‍छरों के काटने से फैलते हैं। आइए जानें इंसेक्‍ट के काटने से होने वाले दुष्‍प्रभाव से बचने के टिप्‍स (Tips to avoid insect bite)

क्‍यों बढ़ जाते हैं मॉनसून में इंसेक्‍ट 

असल में बरसात का मौसम सभी छोटे जीवों के प्रजनन का मौसम होता है। इस मौसम में छोटी से छोटी जगह पर भी ये छोटे-छोटे कीट अंडे देते हैं। फि‍र चाहें वह ठहरा हुआ पानी हो, घनी झाडि़यां, पौधों के गमले या आपके घर का कोई दबा ढका कोना। ये प्रजनन की जगह तलाशते हैं। जब इस रास्‍ते में कोई आता है तो ये उन पर हमला करते हैं। हालांकि यह सब इतना आक्रामक और सूक्ष्‍म होता है कि हम इस ओर ध्‍यान ही नहीं दे पाते। पर घबराएं नहीं इससे बचने का उपाय भी है।

इन टिप्‍स से करें इंसेक्‍ट के पनपने से बचाव

यह जरूरी है कि इस मौसम में उनके पनपने के ठिकाने जितने कम होंगे बीमारियों की संभावन भी उतनी ही कम होगी। इसलिए आप अपने घर में या घर के आसपास पानी या गंदगी इकट्ठी न होने दें। साथ ही हरियाली वाले इलाके में जाएं तो पूरी तरह ढके हुए कपड़े पहनकर ही जाएं। आप इस मौसम में नीम, तुलसी जैसे प्राकृतिक हर्ब्‍स को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। जिससे रक्‍त संबंधी विकार से बचाव होता है।

अगर हो जाए इंसेक्‍ट बाइट (Tips to avoid insect bite)

बरसात में कीड़े-मकोड़ों का भी ब्रीडिंग सीजन होता है। वे जानबूझ कर किसी को नहीं काटते, बल्कि हाथ या पांव गलती से उन पर  पड़ जाने पर वे अपनी रक्षा में दूसरों पर हमला करते हैं। बरसाती कीड़ों का डंक अंदर रह जाए तो खुजली, जलन या सूजन हो जाती है। काटे हुए स्‍थान पर लाल निशान दिखाई देने लगते हैं। गाय के घी में थोड़ा-सा कपूर पीसकर मिला लें | उसे डंक वाले स्थान पर थोड़ी देर तक मलें|

मच्‍छर – मक्‍खी से जरूरी है बचाव

मच्‍छर-मक्‍खी से बचने का सबसे बेहतर उपाय है घर को और खुद को इनसे बचाकर रखना। बरसात में नेटेड डोर यानी जाली के दरवाजे हमेशा बंद रखें। खुद भी पूरी तरह से ढके हुए कपड़े पहनें और बच्‍चों को भी ढके हुए कपड़े ही पहनाए। बच्‍चे अगर खेलने बाहर जाएं तो मॉस्किटो क्रीम जरूर लगाएं। रात में सोते हुए भी मच्‍छरदानी आदि का इस्तेमाल करें। मच्छर के काटने पर तुलसी के पत्ते पीसकर उनका रस लगाने से लाभ होता है।

जहरीला है इनका काटना

अगर आप को बर्र, चींटी या मधुमक्‍खी ने डंक मार दिया है तो घर में मौजूद कोई भी मिंट वाली चीज जैसे टूथपेस्‍ट आदि या खाने वाला चूना लगायें। आप डंक वाले स्‍थान पर प्‍याज का रस भी लगा सकते हैं।

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