
Also Read
Medically Verified By: Shahnaz Husain
foot infection
बारिश के मौसम में पैरों का बार-बार गीला होना, पसीना आना और लंबे समय तक नमी में रहना आम बात है। इस तरह के वातावरण में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, खासकर पैरों की उंगलियों के बीच। इसकी वजह से प्रभावित त्वचा पर खुजली, त्वचा का छिलना, जलन और दरारें पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। दरअसल, मानसून में गीले जूते-मोजे पहनकर लंबे समय तक रहने से पैरों में नमी बनी रहती है। इसलिए इस मौसम में पैरों को साफ और सूखा रखना, रोजाना साफ मोजे पहनना और गीले फुटवियर को अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है।
NHS के अनुसार, बारिश में बाहर से घर आने के बाद पैरों को साफ पानी और साबुन से धोएं। धोने के बाद पैरों को अच्छी तरह सुखाएं। उंगलियों के बीच बिल्कुल नमी न रहने दें। अगर आप पैरों को साफ और सूखा रखेंगे, तो फंगल इंफेक्शन के जोखिम को कम किया जा सकता है।
कई लोग पैरों के डेड स्किन को हटाने के लिए फुट फाइल या प्यूमिक स्टोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, पैरों में इन्हें ज्यादा रगड़ने से बचें। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में छोटे कट या दरारें पड़ सकती हैं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अगर पैरों में पहले से फंगल इंफेक्शन, घाव, लालिमा या त्वचा में दरारें हैं, तो स्क्रबिंग करने से बचें और त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलें।
मानसून में भी पैरों की त्वचा रूखी और बेजान दिखाई दे सकती है। इसलिए नहाने के बाद या पैरों को पोंछने के बाद सही मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। उंगलियों के बीच की त्वचा में नमी बनी रहती है या वहां फंगल इंफेक्शन है, तो उस हिस्से को सूखा रखें। मॉइस्चराइजर को खासकर उंगलियों के बीच लगाने से बचें, जब तक डॉक्टर सलाह न दें। फंगल इंफेक्शन से प्रभावित हिस्से पर कोई भी क्रीम या घरेलू नुस्खा लगाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
मानसून में पैरों के नाखूनों को नियमित रूप से छोटा और साफ रखना बहुत जरूरी है। लगातार गर्म और नम वातावरण में रहने से फंगल नेल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, नेल फंगस सिर्फ मानसून में नहीं होता है। गर्मी और सर्दी के मौसम में भी नेल फंगस का खतरा बना रह सकता है। इसलिए पैरों को सूखा रखने के साथ-साथ साफ मोजे पहनें। ऐसे जूते पहनें, जो आरामदायक हों और जिनमें पैरों को पर्याप्त हवा मिल सके।
बारिश में भीगने के बाद गीले मोजे या जूते लंबे समय तक न पहनें। रोजाना साफ मोजे पहनें और जूतों को दोबारा पहनने से पहले पूरी तरह सूखने दें। लगातार गर्म और नम फुटवियर पहनने से फंगल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है।
स्किन एंड हेयर केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बताती हैं कि मानसून में पैरों की सफाई के लिए आप नीम के पानी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। नीम में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो फंगस को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं। अगर आप मानसून में नीम की पत्तियों के पानी से पैरों को धोएंगे, तो इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: अगर पैरों में खुजली, त्वचा छिलना, जलन, लालिमा, सफेद पड़ती त्वचा, बदबू के साथ घाव या उंगलियों के बीच दरारें लगातार बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें। फंगल इंफेक्शन की पुष्टि होने पर डॉक्टर स्थिति के अनुसार एंटीफंगल उपचार की सलाह दे सकते हैं।