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Written By: Anshumala | Updated : May 11, 2020 10:28 PM IST
अध्ययन में खुलासा, फ्लैवोनॉएड्स से भरपूर फूड्स खाने से अल्जाइमर्स डिजीज का खतरा होता है कम। © Shutterstock.
Benefits of Flavonoids : टफ्ट्स यूनिवर्सिटी (Tufts University) में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो वयस्क कम मात्रा में फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर फूड्स (flavonoids rich foods) जैसे बेरीज, सेब, टी आदि का सेवन करते हैं, उनमें अल्जाइमर (Alzheimer's disease) और इससे संबंधित डिमेंशिया या मनोभ्रंश (dementia) होने की संभावना उन लोगों की तुलना में अधिक होता है, जो इन चीजों का सेवन (benefits of flavonoids in Alzheimers) भरपूर मात्रा में करते हैं। यह अध्ययन द अमेरिकन जरनल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है। पूरे 20 वर्षों तक गहन अध्ययन करने के बाद यह परिणाम सामने आया है।
अध्ययन में 50 और इससे अधिक उम्र के लगभग 2800 लोगों को शामिल किया गया था। इस दौरान इन लोगों में फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर फूड्स के सेवन और अल्जाइमर डिजीज के बीच के संबंध का पता लगाने की कोशिश की गई। अल्जाइमर रोग के उपचार (treatment of Alzheimer's disease) के लिए वर्तमान में कोई प्रभावी दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण, फ्लेवोनॉयड्स रिच फूड्स (flavonoids rich foods benefits) का सेवन करना इस बीमारी से बचने का बेहतर तरीका हो सकता है।
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फ्लेवोनॉयड्स एक प्राकृतिक पदार्थ है, जो पौधों जैसे फलों और सब्जियों में पाया जाता है। यह नाशपाती, सेब, बेरीज, प्याज, प्लांट आधारित पेय जैसे चाय और वाइन में भी फ्लैवोनॉएड्स होता है। फ्लेवोनॉयड्स सेहत को कई तरह से लाभ (Benefits of flavonoids) पहुंचाता है। यह इंफ्लेमेशन को भी कम करता है। डार्क चॉकलेट भी फ्लेवोनॉयड्स का एक मुख्य स्रोत होता है।
प्याज
केल
अंगूर और रेड वाइन
टी
आड़ू
बेरीज जैसे ब्लूबेरीज, स्ट्रॉबेरीज
टमाटर
ब्रोकली
व्हाइट, ग्रीन, ओलॉन्ग और ब्लैक टी
सेब
बैंगनी और लाल अंगूर
कोकोआ और चॉकलेट्स
- फ्लैवोनॉयड्स कई प्रकार के होते हैं और सभी शरीर पर अपने-अपने तरीके से असर करते हैं। फ्लैवोनॉयड्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने से आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से (Health Benefits of flavonoids) बचे रहते हैं।
- चाय, कॉफी और सोया में पाए जाने वाले फ्लैवोनॉयड्स हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं। जरनल ऑफ ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो लोग अपने डायट में फ्लैवोनॉयड्स से भरपूर चीजों को शामिल करते हैं, उनमें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होने का खतरा काफी कम होता है।
- फ्लैवोनॉयड्स रिच फूड्स के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज होने के खतरे को भी कम किया जा सकता है।