... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
आप शायद योग को स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग टेक्निक्स वाली एक एक्सरसाइज के तौर पर जानते होंगे जो रिलैक्स होने में आपकी मदद करती है। लेकिन योग की खूबियां सिर्फ इतनी ही नहीं हैं। योग की एक शाखा है योग तत्व मुद्रा विज्ञान जिसके बारे में लोग कम ही जानते हैं। योग मुद्राएं हाथ की साधारण स्थितियां (गतिविधियां) हैं जिनका सेहत के लिहाज से विशेष फायदे हैं। ऐसी ही एक मुद्रा है मेरूदंड मुद्रा जिसके बारे में बता रहे हैं योगा एक्सपर्ट रमन शर्मा।
मेरूदंड मुद्रा के फायदे
मेरूदंड मुद्रा आपके दिमाग को शांत करती है विशेषकर अगर आप तनाव में हों तो। यह मुद्रा थायमस ग्लैंड को अच्छे हार्मोन्स रिलीज करने में सहायता करती है जो तनाव दूर कर शांति प्रदान करते हैं। यह बेचैनी भी दूर करता है और एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर आपको अधिक सचेत बनाता है। डीप ब्रीदिंग फेफड़ों को फूलने में मदद करता है जिससे रक्त साफ होता है।
करने की विधि-
• सुखासन में बैठें। अपनी आंखे बंद करें।
• पीठ की सीधा रखें और अपने हाथों को अपनी जांघों पर रखें। हथेलियां नीचें की तरफ यानि पैर पर रखीं हुई हों।
• मुठ्ठी बांधते हुए अंदर की तरफ इस तरह मोड़ें कि दोनों अंगूठे एक-दूसरे की तरफ हों।
• धीरे-धीरे सांस लें और इसी स्थिति में 8-10 बार सांस लें। अपनी श्वसन क्रिया पर ध्यान केंद्रित करें।
• अब मुठ्ठी को ऊपर की ओर घुमाएं ताकि अंगूठा आसमान की तरफ हो और इस स्थिति में 8-10 बार सांस लें।
• अब मुठ्ठी को उल्टा करके अंगूठे को बाहर की तरफ रखें। 8 बार धीमी लेकिन गहरी सांसें लें।
• यह मुद्रा आपके दिमाग को सचेत करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। आप यह मुद्रा दिन में किसी भी समय और योगासन से पहले या बाद में भी कर सकते हैं।
ध्यान में रखने लायक बातें।
• पेट भरा हुआ होने पर या भोजन के बाद इस मुद्रा की प्रैक्टिस न करें।
• मुद्रा के दौरान अगर कोई परेशानी या दर्द होता है तो वहीं रूक जाएं।
• दिल की बीमारियां या हाई ब्लड प्रेशर होने पर इस मुद्रा का अभ्यास न करें।
Read this in English.
अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत: Shutterstock Images