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अनुवादक: Mousumi Dutta.
आजकल लोग हेल्थ को लेकर जब सोचना शुरू करते हैं और तब सबसे पहले अपने डायट में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। वे चाय और कॉफी पीना छोड़कर ग्रीन टी पीना शुरू कर देते हैं, लेकिन किसी भी चीज को जब आप अत्यधिक मात्रा में सेवन करने लगे तो उससे बोरियत महसूस होने लगती है। इसलिए कुछ नए चाय की तलाश करते हुए लोग एक नए चाय के तरफ आकर्षित हुए हैं वह है माचा चाय। लेकिन सवाल ये है कि माचा चाय क्या सचमुच सेहत के नजरिये से अच्छी है?इस बारे में देवजानी बनर्जी, कंसल्टेंट न्यूट्रिशनिस्ट और डायटिशियन, पीएसआरआई हॉस्पिटल, न्यू दिल्ली से सवाल किया गया और इस बारे में उनका जवाब़ इस तरह से हैं।
माचा चाय है क्या?
माचा चाय जापानी चाय है, जो हरे रंग के पाउडर के रूप में पाया जाता है। ये चाय तोड़ने से सूखाने और संग्रहित करने के साथ-साथ कई प्रक्रियाओं से गुजरती है। माचा चाय पत्तियों का एक्सट्रैक्ट नहीं है बल्कि चाय की पत्तियों का पाउडर है।
माचा चाय पीने के फायदे
इस चाय में पॉलिफिनॉल नाम का एन्टीऑक्सिडेंट गुण होने के कारण ये शरीर को फ्री रैडिकल्स के हानि से बचाकर कार्डियोवसकुलर डिज़ीज से बचाने में मदद करती है और हार्ट को हेल्दी बनाती है। यूवी रेडियेशन के क्षति से स्किन को बचाकर चेहरे के नैचुरल ब्यूटी को नष्ट नहीं होने देती है। माचा चाय का एक और एल-थियानीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट गुण मन को शांत करके एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायता करती है। इसको पीने से डोपामाइन और सेरोटोनीन नाम के हार्मोन का निष्कासन होता है जो मूड को बेहतर बनाने में मदद करती है।
माचा चाय बेहतर क्यों है?
ग्रीन टी चाय की पत्तियों के एक्सट्रैक्ट से बना होता है इसलिए उतना प्रभावकारी नहीं होता लेकिन माचा चाय पत्तियों को पाउडर करके बनाया जाता है। इसलिए इस चाय का गुण ग्रीन टी के तुलना में बेहतर रहती है। माचा चाय में एपीगैलोकैटचीन गैलेट (epigallocatechin gallate) नाम का एन्टीऑक्सिडेंट गुण होता जो उसको कैंसर विरोधी बनाता है और मेटाबॉलिज़्म को भी बढ़ाता है।
इस चाय को बनाने की सही विधि
माचा चाय को परंपरागत और सही तरीके से बनाने के लिए इस चाय को गर्म करें लेकिन इसको आधा कप हो जाने तक उबालें नहीं। एक छोटा चम्मच चाय लेकर उसको पानी में फेंटकर झाग जैसा ब्रेवरेज़ बना लें। इस विधि में चाय का फायदा ज्यादा से ज्यादा ले पायेंगे।
चित्र स्रोत: Shutterstock