भारतीयों की खाने से जुड़ी ये आदतें दिल पर पड़ती हैं भारी

दिल सेहतमंद तो आप सेहतमंद!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

भारतीयों को अपने देसी खाने से इतना प्यार होता है कि कई बार वो इसके चलते अपनी सेहत को नुकसान भी पहुंचा लेते हैं। हमारी खाने-पीने से जुड़ी कुछ आदतें हमारे दिल को नुकसान पहुंचाती है। चिंता की बात तो ये है कि ये सब हम अनजाने में करते हैं। मुंबई के एशियन हार्ट इंसीट्यूट के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और हेड ऑफ डिपार्टमेंट और प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी एंड रीहैब्लीटेशन डॉक्टर नीलेश गौतम ने भारतीय के खानपान से जुड़ी ऐसी ही 5 खराब आदतों के बारे में बताया है। आइये जानें, क्या पता आप और हम भी अपने दिल को अनजाने में नुकसान पहुंचा रहे हों-

1)   खाना बनाने के लिए एक ही तेल का इस्तेमाल

ज्यादातर भारतीय घरों में एक ही तरह का तेल सालों साल इस्तेमाल किया जाता है। अपनी इस आदत को बदलें। हर दो तीन महीने में तेल बदलें। हर तरह के तेल में अलग पोषक तत्व होते हैं। इससे दिल हेल्दी रहता है। आप सनफ्लावर ऑयल, राइस ब्रान ऑयल, ऑलिव ऑयल, सोयाबीन ऑयल सब ट्राई कर सकते हैं।

2)   खाने के बाद मीठा खाने की आदत

ज्यादा लोग ये बात नहीं जानते कि खाने के बाद मीठा खाने से ब्लड ग्लूकोज लेवल बहुत बड़ जाता है, जो आपके लिए डायबिटीज़ का जोखिम पैदा करता है। मीठे में फैट और शुगर ज्यादा होने से ये दिल के लिए भी अच्छा नहीं होता। लेकिन आप खाने के बाद एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट खाएं, तो ये हेल्दी होगा।

3)   मसालेदार खाना

वैसे तो मिर्च वज़न घटाने के लिए अच्छी मानी जाती है, लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा मात्रा में लाल मिर्च खाते हैं तो आपके पेट में अंदर घाव हो सकते हैं और आपके दिल पर दबाव बढ़ सकता है। दिन में 1-2 चम्मच से ज्यादा मिर्च या मिर्च पाउडर न लें। इलायची, दालचीनी, काली मिर्च जैसे मसालों का इस्तेमाल दिल के लिए अच्छा होता है।

4)   नाश्ते में ऑयली चीज़ें खाना

अगर आप सुबह नाश्ते में घी-मक्खन वाले परांठे, डीप फ्राई समोसे या वड़ा खाते हैं तो वक्त आ गया है कि आप ये आदत बदल डालें। सुबह ऑयली खाने से न सिर्फ बदहज़मी होती है बल्कि कैलोरी इनटेक भी बढ़ता है। कोशिश करें कि नाश्ते में ज्यादा प्रोटीन और कम कार्बोहाइड्रेट व फैट वाली चाजें खाएं।

5)   ज्यादा नॉन-वेज खाना

डॉक्टर नीलेश गौतम के अनुसार, अगर आपको वेजीटेरियन या नॉन-वेजिटेरियन खाने में से चुनना हो तो वेजिटेरियन चुनें क्योंकि इसमें ज्यादा पोषण और कम सैचुरेटिड और दूसरे खराब फैट्स होते हैं। जिन लोगों को दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा है उन्हें रेड मीट तो खाना ही नहीं चाहिए। चिकन और फिश कभी-कभी खाई जा सकती है, क्योंकि उनमें ओमेगा-3 फैट और प्रोटीन होता है। प्रॉन, शेलफिश, क्रैब आदि खाने से बचना चाहिए।

चित्र स्रोत - Shutterstock


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