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बाज़ार की हींग गोली, चूर्ण, अनारदाना से रहें दूर, एसिडिटी में अपनाएं ये नैचरल तरीके

हींग की गोलियों की बजाए हींग क्यों नहीं लेते?!

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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 4, 2017 7:54 PM IST

आजकल नैचरल चीजों को छोड़कर मार्केट में ज्यादा बिकने वाली या विज्ञापन में ज्यादा दिखने वाली, या टेस्टी चीजों के पीछे दौड़ रहे हैं। बिना यह सोचे कि यह आपके लिए हेल्दी है कि नहीं। आप समझ नहीं पा रहे होंगे कि इस तरह की बात क्यों की जा रही है? दरअसल, आजकल के लाइफ-स्टाइल के कारण एसिडिटी या पेट में गैस की समस्या आम हो गई है। अक्सर लोग इसके कष्ट से परेशान रहते हैं, चाहे घर हो या ऑफिस।

अक्सर लोग इसके कष्ट से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के नुस्ख़े अपनाने लगते हैं। कुछ लोग नैचुरल चीजों को अपनाना तो चाहते हैं लेकिन वह टेस्टी चीजों की ओर ज्यादा आकर्षित हो जाते हैं। कहने का मतलब यह है कि अक्सर लोगों को यह कहते सुना होगा कि अरे, तुमने वह चूर्ण नहीं खाया, गैस होने पर मुझे तो बहुत जल्दी आराम मिल जाता है, और टेस्ट वह तो लाजवाब है, ट्राइ करो। लेकिन इन चूूर्ण, हींग की गोली, अनारदाना, अजवाइन मसाला आदि को लेने से पहले क्या आपने कभी यह सोचा है कि यह आपके लिए सेफ हैं क्या? लोग इन चीजों को आयुर्वेदिक दवा की दुकानों या मेले व हाट पर जाने पर ज़रूर खरीदते हैं, बिना यह सोचे कि इन नैचरल दिखने वालें चीजें क्या सचमुच आपके लिए हेल्दी हैं! चूर्ण में जो सामग्रियाँ होती है वह सब चीजें नैचुरल होती है कि नहीं पता नहीं रहता है। उन चीजों से आपको एलर्जी है कि नहीं यह भी पता नहीं होता है।

अगर इन सब चूर्ण वाले चीजों के पीछे इतने सारा सवाल है तो क्यों नहीं बिल्कुल नैचरल चीजों की ओर जाते हैं। आहार विशेषज्ञ दीपशिखा अग्रवाल का कहना है कि अगर आप हींग की गोली या चूरन के जगह पर इन घरेलू नैचरल चीजों को ले सकते हैं-

हींग की गोली के जगह हींग- हींग की गोली के जगह पर आप दाल या सब्जी में हींग का छौंक लगायें। इससे आपकी एसिडिटी की समस्या उड़न छू हो जायेगी। क्योंकि हींग में एन्टी-इन्फ्लैमटोरी और एन्टी-ऑक्सिडेंट का गुण होता है जो एसिडिटी होने से रोकता है।

अनारदाना के जगह अनार- अनारदाना जैसे चूर्ण वाले चीजों के सेवन के जगह पर आप एक कटोरी अनार खायें। इसका एन्टीऑक्सिडेंट का गुण बदहजमी की समस्या से राहत दिलाता है।

अजवाइन मसाला के जगह अजवाइन-जीरा पानी- अजवाइन में थाइमोल नाम का एक एक्टिव इन्ग्रीडीअन्ट (active ingredient) होता है जो एसिडिटी से राहत दिलाता है और हजम शक्ति को बढ़ाता है। इस केमिकल से जो गैस्ट्रिक जूस निकलता है उससे पी.एच. लेवल संतुलित रहता है। एक कप उबलते हुए पानी में एक छोटा चम्मच अजवाइन और जीरा डालें। इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि वह भूरा रंग का न हो जायें।

चूर्ण के जगह आंवला का मुरब्बा- अगर आप कुछ चटपटा ही खाना चाहते हैं तो आंवला का मुरब्बा ट्राइ कर सकते हैं। आप दिन में एक बार एक चम्मच आंवला का मुरब्बा खायें और बदहजमी, एसिडिटी और पेट के अल्सर से आसानी से राहत पा सकते हैं । मुरब्बा को बनाने के लिए आंवला के टुकड़ो को उबालने के बाद छान लें। उसके बाद इन टुकड़ों को चीनी के सिरप में डालकर फ्रिज में रख दें और जब चाहे खायें।

सौंफ-अक्सर कुछ हेवी खाने पर पेट भरा-भरा महसूस होने लगता है उस वक्त सौंफ खाने से खाना जल्दी हजम हो जाता है।

नोट- चूर्ण या किसी भी प्रकार की गोली लेने के पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।

चित्र स्रोत : Shutterstock images


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