फीफा वर्ल्ड कप के दौरान डिहाइड्रेशन का खतरा, खिलाड़ी खुद को कैसे रखते हैं हाइड्रेटेड?
किसी भी शारीरिक एक्टिविटी के दौरान हमारे शरीर से काफी ज्यादा पसीना निकलता है, ऐसे में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत ही जरूरी होता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि एक खिलाड़ी को खुद को कैसे हाइड्रेट रखना चाहिए?
Sports Hydration Tips : इन दिनों दुनिया भर में फीफा वर्ल्ड कप की काफी ज्यादा चर्चाएं रही हैं। फुलबॉल खेल के दौरान खिलाड़ी मैदान पर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। लेकिन किसी भी खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन के पीछे सिर्फ अभ्यास और फिटनेस ही नहीं, बल्कि सही हाइड्रेशन भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्य रूप से गर्मी और उमस के मौसम खेल को दौरान खिलाड़ियों को हाइड्रेट रहना बहुत ही जरूरी हो जाता है। दरअसल, खेल के दौरान शरीर से पसीने के जरिए बड़ी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। अगर इनकी भरपाई समय पर न की जाए, तो डिहाइड्रेशन, थकान, मांसपेशियों में ऐंठन और प्रदर्शन में गिरावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि खेल के दौरान पानी कब, कितना और किस तरह पीना चाहिए। इस बारे में हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. विघ्नेश वाई ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
प्यास लगने का न करें इंतजार
डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि खिलाड़ियों को सिर्फ प्यास लगने पर पानी नहीं पीना चाहिए। उनका कहना है कि प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर में पानी की कमी शुरू हो चुकी है। इसलिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहे, ऐसा करने से आपका शरीर हाइड्रेट रहता है।
खेल शुरू होने से पहले कितना पानी पीना चाहिए?
डॉ. विघ्नेश बताते हैं कि किसी भी खेल, रनिंग सेशन या वर्कआउट से लगभग दो घंटे पहले 500-750 मिलीलीटर पानी पीना फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर पहले से हाइड्रेट रहता है और खेल के दौरान पानी की कमी होने की संभावना कम हो जाती है।
कुछ रिसर्च में भी इसे रख गया है। जनरल ऑफ एथलेटिक्स ट्रेनिंग में प्रकाशित गाइडलाइन के अनुसार, शरीर में पानी की मामूली कमी भी शारीरिक प्रदर्शन, सहनशक्ति और तापमान नियंत्रण को प्रभावित कर सकती है।
खेल के दौरान कितनी मात्रा में पानी पीना चाहिए?
डॉक्टर का कहना है कि खेल या एक्सरसाइज के दौरान हर 15-20 मिनट में लगभग 200-300 मिलीलीटर तरल पदार्थ लेना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि यह मात्रा मौसम, एक्सरसाइज और व्यक्ति के पसीना निकलने की दर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। नियमित अंतराल पर पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और प्रदर्शन बनाए रखने में मदद मिलती है।
सिर्फ पानी नहीं, कई बार इलेक्ट्रोलाइट्स भी होते हैं जरूरी
अगर खेल या एक्सरसाइज 60-90 मिनट से अधिक समय तक चलता है या अत्यधिक पसीना आता है, तो केवल पानी पर्याप्त नहीं हो सकता। पसीने के साथ शरीर से सोडियम और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं।
ऐसे में इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक या स्पोर्ट्स ड्रिंक मददगार हो सकते हैं। NATA की गाइडलाइन भी लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक गतिविधियों के दौरान इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थों के उपयोग की सिफारिश करती है।
यूरिन का रंग भी बताता है हाइड्रेशन लेवल
डॉ. विघ्नेश का कहना है कि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा का अंदाजा लगाने के लिए पेशाब के रंग पर ध्यान दिया जा सकता है। हल्का पीला रंग सामान्य हाइड्रेशन का संकेत माना जाता है, जबकि गहरा पीला रंग शरीर में पानी की कमी की ओर इशारा कर सकता है।
हालांकि, डॉक्टर यह भी कहते हैं कि हाइड्रेशन का आंकलन सिर्फ एक संकेत के आधार पर नहीं करना चाहिए। शरीर के वजन में बदलाव, प्यास और थकान जैसे संकेतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
मैच या वर्कआउट के बाद भी रखें हाइड्रेशन का ध्यान
कई खिलाड़ी खेल खत्म होने के बाद पानी पीना कम कर देते हैं, जबकि रिकवरी के लिए यह स्टेप भी जरूरी होता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि एक्सरसािज के दौरान जितना वजन कम हुआ हो, उसकी भरपाई के लिए लगभग 125-150 प्रतिशत तक तरल पदार्थ का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, मैच या अभ्यास से पहले अत्यधिक कैफीन और अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।
Disclaimer : ध्यान रखें कि खेल के दौरान बार-बार थोड़ी मात्रा में पानी पीना, जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रोलाइट्स लेना और शरीर के संकेतों पर ध्यान देना सबसे प्रभावी रणनीति है। सही हाइड्रेशन न केवल खिलाड़ियों को सुरक्षित रखता है, बल्कि उनकी सहनशक्ति, प्रदर्शन और रिकवरी को भी बेहतर बनाने में मदद करता है।