Know About Fibroids: फाइब्रॉइड होने पर बढ़ जाती है इनफर्टिलिटी की समस्‍या, जानिए गर्भाशय में गांठ के कारण और इलाज

What is Fibroids: फाइब्रॉइड में गर्भाश्‍य में गांठ बनने लगती हैं। यह गांठ तिल के दाने से लेकर खरबूजे जितनी बड़ी हो सकती है। गर्भाश्‍य में गांठ के लिए बढ़ती उम्र, हॉर्मोनल बदलाव और जेनेटिक कारण बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 10, 2021 2:07 PM IST

महिलाओं का शरीर पुरुषों से कई मायनों में अलग होता है और उन्‍हें अपनी ज्‍यादा देखभाल की जरूरत होती है। यदि महिलाएं अपने घर की जिम्‍मेदारियों को पूरा करने के चक्‍कर अपने स्‍वास्‍थ्‍य को इग्‍नोर करें तो कई बीमारियों का शिकार हो सकती हैं। 35 साल की उम्र पास करते ही महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल बदलाव होने लगते हैं जिस कारण उन्‍हें कई बीमारियां अपनी चपेट में ले सकती हैं। इन्‍हीं में से एक है फाइब्रॉइड (Fibroids) जिसे गर्भाशय की गांठ, लेयोमोमा, मायोमा (Uterine Myoma) और मस्कुलर ट्यूमर भी कहते हैं। क्‍या होता है फाइब्रॉइड? (What is Fibroids) इसमें गर्भाश्‍य में गांठ बनने लगती हैं। यह गांठ तिल के दाने से लेकर खरबूजे जितनी बड़ी हो सकती है। गर्भाश्‍य में गांठ के लिए बढ़ती उम्र, हॉर्मोनल बदलाव और जेनेटिक कारण बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि घबराने की बात नहीं है क्‍योंकि यह कैंसर नहीं है। अगर समय पर इसके लक्षणों को समझकर इलाज शुरू किया जाए तो यह फाइब्रॉइड सही हो जाता है। आइए गर्भाशय की गांठ के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

Gas during pregnancy

फाइब्रॉइड (Fibroids) के बारे में फैक्‍ट्स (Important Facts About Fibroids)

  • गर्भाशय की गांठ समय के साथ बढ़ती रहती है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो ये यूट्रस के अंदर बढ़ती रहती है और साइज के साथ ही नंबर में भी बढ़ने लगती है।
  • फाइब्रॉइड होने पर पीरियड्स में तेज दर्द के साथ हैवी ब्‍लीडिंग होने लगती है जिससे एनीमिया हो सकता है।
  • जैसे जैसे गर्भाशय में गांठ बढ़ने लगती है वैसे वैसे पेट में सूजन आने लगती है।
  • गर्भाशय में गांठ के कारण ब्‍लेडर में प्रेशर पड़ने लगता है जिससे बार बार पेशाब आने की समस्‍या हो सकती है।
  • यह महिलाओं का इनफर्टिलिटी का कारण भी बन सकती है।

bikes handle was removed from the womans uterus

फाइब्रॉइड का इलाज (Fibroids Treatment)

जब किसी महिला को फाइब्रॉइड की समस्‍या होती है तो डॉक्‍टर सबसे पहले सामान्‍य पूछताछ के बाद कुछ टेस्‍ट कराते हैं जिसमें से एक पैल्विक एग्‍जामिनेशन भी हो सकता है। अगर गर्भाशय में गांठ की सही जगह पता नहीं चल रही है तो डॉक्‍टर एमआरआई या हिस्टेरोस्लिंगोग्राफी करने को कह सकते हैं। अगर गांठे छोटी होती हैं तो डॉक्‍टर पहले दवा देकर सही करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर आपके गर्भाशय में गांठ एक से ज्‍यादा है और साइज में बड़ी हो चुकी है तो इसकी सर्जरी (Fibroids Surgery) हो सकती है।

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