Study: भारतीयों के 10 साल पहले हो जाता है कार्डियक अरेस्ट, जानें क्या हो सकते हैं इसके पीछे के कारण

Causes of cardiac arrest in young adults: कुछ अध्ययनों में पाया गया कि कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा अन्य देशों की तुलना में भारत में रहने वाले लोगों को अधिक होता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 3, 2022 1:25 PM IST

बॉलीवुड के जाने माने सिंगर केके की अचानक से कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई मौत (Bollywood singer KK death) ने ना सिर्फ लोगों को शॉक में डाल दिया है। साथ ही हमारे देश के युवा वर्ग के स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाया है। 53 वर्षीय केके एक्टिव होकर कॉन्सर्ट कर रहे थे और होटल जाते ही उनके साथ अचानक से यह घटना हो गई। हालांकि, कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest in hindi) या हार्ट अटैक (Heart attack in hindi) जैसे रोग होना इतनी भी चौंकाने वाली बात नहीं हैं, क्योंकि पहले भी इसपर रिसर्च की जा चुकी है। हाल में ही अमेरिका में कई गई एक रिसर्च में पाया गया कि 30 से 40 के आसपास की उम्र के लोगों में अचानक के कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा है। साथ ही कुछ अन्य अध्ययन भी हैं, जो भारत के युवाओं में कम उम्र में ही बढ़ते कार्डियक अरेस्ट के खतरे को दर्शाते हैं।

भारतीयों में 10 साल पहले ही बढ़ जाता है खतरा

इंटरनेट पर मिली रिपोर्ट्स के अनुसार इसपर कुछ अध्ययन किए जा चुके हैं और उनमें पाया गया है कि दुनिया के अन्य देशों में रहने वाले लोगों की तुलने में भारत में रहने वाले लोगों को 8 से 10 साल पहले ही कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि कुछ अध्ययनों में तो यह भी दावा किया गया है कि सबसे ज्यादा भारतीयों को ही कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक जैसी स्थितियों को सामना करना पड़ता है।

इंडियन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च

आईएचए यानी इंडियन हार्ट एसोसिएशन में भी इस पर कुछ अध्ययन किए जा चुके हैं और जिसमें पाया गया कि भारतीयों को दिल से संबंधित बीमारी आमतौ र दूसरे देशों में रहने वाले लोगों तुलना में उनसे कम उम्र में होती है। साथ ही यह अध्ययन में यह भी पाया गया कि यह बीमारी आमतौर पर बिना किसी चेतावनी के होती है। अचानक से होने वाले कार्डियक अरेस्ट को सड्डन कार्डियक अरेस्ट (SCA) कहा जाता है।

क्या हो सकते हैं इसके पीछे के कारण

इस पर किए गए अध्ययनों में यह पाया गया है कि युवा वर्ग में सड्डन कार्डियक अरेस्ट के मामले आमतौर पर निम्न कारणों से बढ़ रहे हैं -

गतिहीन जीवनशैली - अगर आप ऐसा जीवन जी रहे हैं, जिसमें दिन का ज्यादातर समय बैठ कर बिता रहे हैं, तो आपका हृदय इससे प्रभावित हो सकता है। आमतौर पर कंप्यूटर या डेस्क पर काम करने वाले लोग या दुकानदार आदि को ऐसे रोग होने का खतरा अधिक हो सकता है

शराब का अधिक सेवन - ज्यादा शराब पीना भी हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकता है और यह भी कार्डियक अरेस्ट जैसे रोगों का एक जोखिम कारक हो सकता है।

धूम्रपान करना - धूम्रपान करने से फेफड़े और हृदय दोनों प्रभावित हो जाते हैं, जिस कारण से कार्डियो पल्मोनरी डिजीज (हृदय और फेफड़ों के रोग) होने का खतरा बढ़ जाता है।

अन्य बीमारियां - इसके अलावा जो लोग डायबिटीज या हाई बीपी जैसे रोगों से ग्रसित होते हैं, उन्हें भी कार्डियक अरेस्ट जैसे रोग होने का खतरा सबसे अधिक रहता है।

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